अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक: सपा

अखिलेश ने कहा कि चूंकि पक्षकार निर्णय के बारे में पहले से कहते रहे है कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय जो भी होगा उसे स्वीकार किया जायेगा। अतः आशा है कि देश के सभी लोग शान्तिपूर्ण वातावरण सौहार्द बनाये रखेंगे

लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इस फैसले को हमेशा याद रखा जायेगा। हालांकि सपा ने न्यायालय के आदेश को स्वीकारना संवैधानिक बाध्यता बताया है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से शनिवार शाम को जारी बयान में कहा गया है कि रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में 1986 से समाजवादियों का यही पक्ष रहा है कि यह विवाद दोनों समुदायों के बीच में बातचीत से तय हो जाए या इस सम्बन्ध में न्यायालय का निर्णय मान्य हो। बयान में कहा गया है कि चूंकि बातचीत से इस समस्यां का समाधान सम्भव नहीं हो सका अतः उच्चतम न्यायालय को अपना निर्णय देना पड़ा।

ये भी पढ़ें—अयोध्या 6 दिसंबर 1992 : ध्वंस की कड़वी याद

आदेश हमारे देश के सभी लोगों पर बाध्य होता है

अपने बयान में सपा मुखिया ने कहा है कि भारत जैसे महान प्रजातांत्रिक देश में जो प्रणाली हमारे संविधान निर्माताओं ने बनाई थी, उसके अनुसार उच्चतम न्यायालय के द्वारा दिया गया आदेश हमारे देश के सभी लोगों पर बाध्य होता है और हमे मानना है। उन्होंने कहा है कि इस महत्वपूर्ण निर्णय को भी सारा देश उसी प्रकार स्वीकार करेगा, जिस प्रकार संविधान में उच्चतम न्यायालय को यह अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में इस निर्णय को हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप और रूल आफ ला तथा प्रजातंत्र को सुदृढ़ करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

अखिलेश ने कहा कि चूंकि पक्षकार निर्णय के बारे में पहले से कहते रहे है कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय जो भी होगा उसे स्वीकार किया जायेगा। अतः आशा है कि देश के सभी लोग शान्तिपूर्ण वातावरण सौहार्द बनाये रखेंगे और किसी भी समुदाय के लोग कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे दूसरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे या किसी प्रकार का तनाव पैदा हो।

ये भी पढ़ें—अयोध्या का नायक-पाकिस्तान से रिश्ता, जानें कौन हैं ये

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App