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मौर्या की राह पर चले आरके चौधरी, 26 को रैली के बाद पॉलिटिकल फैसला

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NewstrackBy Newstrack

Published on 11 July 2016 7:35 AM GMT

मौर्या की राह पर चले आरके चौधरी, 26 को रैली के बाद पॉलिटिकल फैसला
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लखनऊः पहले बसपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या और फिर बीएस4 के मुखिया और पूर्व मंत्री आरके चौधरी ने पार्टी छोड़ी। दोनों लोगों ने बसपा सुप्रीमों मायावती पर टिकट देने में धन उगाही और तानाशाही के आरोप भी लगाए। मौर्या 22 सितंंबर को राजधानी के रमाबाई अंबेडकर मैदान में रैली करके शक्ति प्रदर्शन की घोषणा कर चुके हैं तो अब चौधरी छत्रपति शाहू जी महाराज के जन्मदिवस यानि 26 जुलाई को महाराजा बिजली पासी किले पर रैली की तैयारी मेंं हैं।

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आर के चौधरी का कहना है कि उन्होंने बीएस4 के बैनर तले 26 जुलाई को महाराजा बिजली पासी किले पर रैली बुलाई है। इसके बाद ही वह कोई राजनीतिक फैसला लेंगे।

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मौर्या ने पहले इस्तीफा देेकर मारी बाजी

स्वामी प्रसाद मौर्या भी 22 सितंंबर को होने वाली रैली में अपने राजनीतिक फैसले की घोषणा करेंगे। देखा जाए तो चौधरी ठीक मौर्या के नक्शे कदम पर ही चल रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि धन उगाही के आरोप में मौर्या ने पहले इस्तीफा देकर बाजी मार ली है। चौधरी तो इससे पहले ही इस्तीफा देने वाले थे।

जन अधिकार मंच के बैनर तले आने की उम्मीद

पार्टी नेताओं की मानें तो हाल ही में बसपा छोड़कर अलग हुए तमाम नेताओं से जन अधिकार मंच के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा संपर्क में हैंं। कहा जा रहा है कि देर सबेर येे सभी नेता मंच के बैनर तले आ सकते हैं। यहां तक कि जिलों और मंडलों में कोआर्डिनेटर की भूमिका से अलविदा कह चुके बसपा नेताओं से भी सम्पर्क किया जा रहा है।

बसपा टिकटों के बिक्री की मंडी, 6 करोड़ तक पहुंचा रेट

बसपा टिकटों की बिक्री की एक बडी मंडी बन गई है। आम चर्चा है कि विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के टिकट का रेट 6 करोड़ तक पहुंच गया है। बीते जिला पंचायत चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशियों से पांच-पांच लाख रुपए वसूला गया था। इससे कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं। ये बातें बसपा छोड़ चुके पूर्व मंत्री आर के चौधरी ने कही।

कौन दे रहा इतनी घटिया सलाह ?

चौधरी ने टिकटों की बिक्री का जिक्र करते हुए कहा कि मायावती को क्या हो गया है। वह इतना पैसे क्यों ले रही हैं। अहम यह है कि उन्हें इतनी घटिया सलाह कौन दे रहा है। चौधरी ने कहा, अब बहुजन समाज पार्टी का विकल्प बनाने की आवश्यकता है।

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