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BHU के ट्रामा सेंटर पर उठे सवाल, परिजनों ने लगाया किडनी निकालने का आरोप

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Published on 10 Oct 2017 4:52 AM GMT

BHU के ट्रामा सेंटर पर उठे सवाल, परिजनों ने लगाया किडनी निकालने का आरोप
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वाराणसी: बीएचयू परिसर में छात्राओं से छेड़खानी का विवाद खत्म हुआ नहीं कि एक और मुसीबत ने दस्तक दे दी। ताजा मामला जुड़ा है सर सुंदरलाल स्थित ट्रामा सेंटर से, जहां एक परिवार ने डॉक्टरों पर संगीन आरोप लगाए हैं। सोनभद्र में सड़क हादसे के दौरान गंभीर रूप से जख्मी चंद्रिका पनिका की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर्स पर किडनी निकालने का आरोप लगाया है। आरोपों के बाबत परिवारवालों ने लंका थाने में तहरीर भी दी है। वहीं ट्रामा सेंटर के डॉक्टर्स ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अब इंतजार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का है।

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क्या हैं परिजनों के आरोप ?

मृतक चंद्रिका प्रसाद के भाई के मुताबिक सड़क हादसे में उसके भाई को पैर के अंगूठे और सिर में चोट लगी थी। शनिवार को ऑपरेशन हुआ तो देखा कि उसके पेट में लंबा चीरा लगाया गया था। इस बाबत पूछने पर डाक्टर टालमटोल करते रहे। परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन के वक्त डॉक्टर्स ने ये शर्त रखी थी कि दवा व अन्य सामान बाहर से लाने होंगे। इस बीच इलाज के दौरान ही चंद्रिका ने दम तोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया।

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डॉक्टर की सफाई, बदनाम करने की साजिश

इस बाबत चंद्रिका की सर्जरी करने वाले न्यूरोसर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रविशंकर प्रसाद का कहना है कि 7 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में घायल मरीज चंद्रिका के सिर का ऑपरेशन किया गया था। डॉक्टर ने बताया कि दुर्घटना के बाद ब्रेन का प्रेशर अधिक रहता है, अत: ब्रेन से हड्डी निकालकर एब्डामिनल वाल (पेट के आंतरिक) हिस्से में रख दी जाती है, ताकि यदि मरीज बच जाता है, तो प्रेशर कम होने के बाद उसके ब्रेन में वापस हड्डी को लगाया जा सके।

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दुर्भाग्यवश ऑपरेशन के उपरांत पोस्ट आपरेटिव यूनिट में ही 8 अक्टूबर की देर रात मरीज चंद्रिका का निधन हो गया। उसका शव ट्रामा सेंटर में शीत गृह (मर्चरी) में रखा गया है। बीएचयू प्रशासन के अनुसार अज्ञानतावश परिवार के लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सब कुछ साफ हो जाएगा।

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