Top

SC के आदेश से पार्टियों में हड़कंप, UP के 6 पूर्व CM से छिनेंगे बंगले

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 1 Aug 2016 8:29 PM GMT

SC के आदेश से पार्टियों में हड़कंप, UP के 6 पूर्व CM से छिनेंगे बंगले
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊः यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिले सरकारी बंगले 2 महीने में खाली करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को पार्टियों में हड़कंप की स्थिति रही। बता दें कि कोई भी ऐसी पार्टी नहीं है, जिसके पूर्व सीएम के पास लखनऊ में बंगला न हो। इनमें सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, बीजेपी की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह और कांग्रेस के एनडी तिवारी और रामनरेश यादव हैं।

यूपी सरकार ने 1996 में पूर्व मुख्यमंत्रियों को लखनऊ में सरकारी आवास देने का नियम बनाया था। जिसके खिलाफ पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। अदालत के फैसले के बाद अब इन सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को अपना सरकारी आवास छोड़ना होगा। खास बात ये भी है कि मुलायम और मायावती सरीखे नेताओं ने अपने सरकारी आवासों को खूब चमका रखा है और ये सरकारी आवास कम, निजी ज्यादा लगते हैं।

यह भी पढ़ें...SC का आदेश : 60 दिन के अंदर सरकारी बंगला खाली करें पूर्व मुख्यमंत्री

किसका आवास कहां?

-मुलायम सिंह को '5 विक्रमादित्य मार्ग' पर सरकारी आवास मिला हुआ है।

-राजनाथ सिंह को बतौर पूर्व सीएम '4 कालिदास मार्ग' पर आवास मिला है। इसके ठीक बगल में '5 कालिदास मार्ग' सीएम का आवास है।

-मायावती के पास 'माल एवेन्यू का 13 ए' नंबर का बंगला बतौर पूर्व सीएम है।

-कल्याण सिंह के पास 'माल एवेन्यू का 2 नंबर बंगला' है।

-एनडी तिवारी के पास 'माल एवेन्यू में ही 1 ए नंबर' का बंगला है।

-पूर्व सीएम और मध्य प्रदेश के मौजूदा गवर्नर रामनरेश यादव के पास 'माल एवेन्यू में बंगला नंबर 1' है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है?

-अदालत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को जिंदगी भर के लिए सरकारी आवास नहीं मिल सकता।

-सभी को दो महीने में बंगला खाली करने को कहा गया है।

-इस बारे में यूपी सरकारी के नियम को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है।

Rishi

Rishi

आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

Next Story