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हाल-ए-बिजली विभाग: एक खंभे पर अटकी सैकड़ों की जान, कभी भी हो सकता है हादसा

मिर्जापुर के जमुआ बाजार में बिजली का एक खम्भा 200 लोगों की जान पर बन आया है। इस जर्जर खम्भे में करंट उतरने से मंगलवार (30 जनवरी) को एक जानवर की मौत हो गई। जिसके बाद बाजार में हड़कंप मच गया।आनन-फानन में बिजली आपूर्ति तो बंद कर दी गयी लेकिन खंभा बदलने के लिये बिजली कर्मचारी तैयार नहीं है, जिससे क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त है।

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priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 30 Jan 2018 12:04 PM GMT

हाल-ए-बिजली विभाग: एक खंभे पर अटकी सैकड़ों की जान, कभी भी हो सकता है हादसा
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मिर्जापुर: मिर्जापुर के जमुआ बाजार में बिजली का एक खम्भा 200 लोगों की जान पर बन आया है। इस जर्जर खम्भे में करंट उतरने से मंगलवार (30 जनवरी) को एक जानवर की मौत हो गई। जिसके बाद बाजार में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बिजली आपूर्ति तो बंद कर दी गई, लेकिन खंभा बदलने के लिए बिजली कर्मचारी तैयार नहीं है, जिससे क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त है।

जर्जर खम्भे बना जी का जंजाल

मिर्ज़ापुर और वाराणसी की सीमा पर स्थित जमुआ बाजार में 80 से ज्यादा से खम्भे ऐसे हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। इतना ही नहीं खम्भे के पास ही पानी की लाइन खोद दी गई है, जिससे पानी निकलता रहता है और खम्भे में करंट उतरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इन खम्भों को तुरंत बदलने की जरुरत है नहीं तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय बिजली कर्मचारी लोगों को अवैध रूप से बिजली का कनेक्शन देते हैं जिसकी वजह से एक खम्भे पर 50 से ज्यादा लोगों को कनेक्शन दिए गए हैं। जिससे खम्भे एक तरफ झुक गए हैं। बिजली कर्मियों की लापरवाही और अवैध वसूली के कारण सैकड़ों लोगों की जान आफत में आ गयी है।

अधिकारियों को नहीं जानकारी

इस बाबत जब newstrack.com ने बिजली के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जानकारी उनके पास नहीं है। ज्यादा कुरेदने पर अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। लेकिन लोगों का आरोप है कि अधिकारी कहते हैं, लेकिन कभी कुछ करते नहीं। स्थानीय लोगों ने बताया की खम्भे नहीं बदले गए उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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