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यात्रा फॉर्म पर किन्नर कॉलम के लिए PIL, हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

Sanjay Bhatnagar

Sanjay BhatnagarBy Sanjay Bhatnagar

Published on 22 July 2016 2:32 PM GMT

यात्रा फॉर्म पर किन्नर कॉलम के लिए PIL, हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा
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इलाहाबाद: हाईकोर्ट ने भारत सरकार की वायु, रेल और बस सेवाओं के टिकट फार्म पर ट्रांसजेण्डर यानी किन्नरों के लिए कालम न होने के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार कर लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने केंद्र सरकार व उसके सिविल एविएशन विभाग, रेल और रेाडवेज विभागों से इस मामले में छह सप्ताह में हलफनामा मांगा है।

किन्नरों की अनदेखी

-कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाया गया मुद्दा जनहित से जुड़ा और विचारणीय मुद्दा है।

-याची का कहना है कि ई-टिकट बुक करते समय या सीधे काउंटर से टिकट लेते समय फार्म में स्त्री-पुरूष के अलावा अन्य कालम नहीं होता।

-इस असुविधा के चलते किन्नरों को दोनों ही कालम में से एक चुनने को विवश हेाना पड़ता है।

-ट्रांसजेंडर के लिए फार्म में अलग से कालम न रखना अनुच्छेद 14, 15, 19 औक 21 के मूल अधिकारों का हनन होता है।

सरकार से जवाब मांगा

-याचिका में भारत सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग, रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवेज विभाग और रेल मंत्रालय को पक्षकार बनाया है।

-याचिका में कहा गया है कि किन्नरों को भी भारतीय संविधान की मूल भावनाओं के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार है।

-कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वीके शुक्ला और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की खण्डपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए जनहित याचिका स्वीकार कर ली।

Sanjay Bhatnagar

Sanjay Bhatnagar

Writer is a bi-lingual journalist with experience of about three decades in print media before switching over to digital media. He is a political commentator and covered many political events in India and abroad.

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