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अखिलेश सरकार का एक और फैसला पलटा, ईओ को मिला नियुक्ति का अधिकार

योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। इससे नगर पालिका और नगर निगमों के नियुक्ति का अधिकार अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को वापस मिला गया है। पूर्व की सपा सरकार में यूपी नगर निगम अधिनियम और यूपी नगर पालिका अधिनियम में संशोधन कर अधिशासी अधिकारियों से यह अधिकार ले लिए गए थे। तब राज्यपाल रामनाईक ने यह ​अध्यादेश राष्ट्र

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 30 Jan 2018 2:23 PM GMT

अखिलेश सरकार का एक और फैसला पलटा, ईओ को मिला नियुक्ति का अधिकार
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लखनऊ: योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। इससे नगर पालिका और नगर निगमों के नियुक्ति का अधिकार अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को वापस मिला गया है। पूर्व की सपा सरकार में यूपी नगर निगम अधिनियम और यूपी नगर पालिका अधिनियम में संशोधन कर अधिशासी अधिकारियों से यह अधिकार ले लिए गए थे। तब राज्यपाल रामनाईक ने यह ​अध्यादेश राष्ट्रपति के पास भेज दिया था। भारत सरकार ने इस अध्यादेश को 74वें संविधान संशोधन के अनुरूप नहीं पाया और इसे वापस कर दिया था। अब सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यूपी स्वायत्त शासी शासन विधि 2016 में इसी से जुड़े संशोधन को मंजूरी दी गई है।

भूमिगत केबिल बिछाने वाली कम्पनियों को करना होगा पुनर्निमाण

अब भूमिगत केबिल बिछाने वाली कम्पनियों का टूट फूट की मरम्मत का दायित्व भी होगा। संबंधित विभाग के समय आवेदन करते समय उन्हें प्रति किमी दस हजार रूपये की धनराशि भी प्रशासनिक मद में जमा करनी होगी। मोबाइल टावर कम्पनी को हर आवेदन के साथ दस हजार रूपये प्रति आवेदन जमा करना होगा। इसके अलावा अगर यह कम्पनियां राज्य सरकार की सम्पत्ति पर वायर बिछाने की अनु​मति मांगती हैं तो संबंधित विभागों को 60 दिनों में इस पर निर्णय लेना होगा। इसका नोडल नगर विकास विभाग होगा।

सीएम आवास योजना से गरीबों को नि:शुल्क मकान

कैबिनेट की बैठक में सीएम आवास योजना ग्रामीण इलाकों में लागू करने का फैसला लिया गया। बाढ, आग आदि से मकान पूरी तरह क्षत्रिग्रस्त होने पर भी गरीबों को इस योजना से लाभ मिल सकेगा। बशर्ते प्रधानमंत्री आवास योजना या राजस्व विभाग से उन्हें पहले लाभ नहीं मिला हो। वनटांगिया, मुसहर, जापानी इंसेफिलाइटिस, बेसहारा, आवासहीन, हाथ से मैला ढोने वाले, जनजाति समूूह आदि को इस योजना के तहत लाभ मिल सकेगा। लाभार्थी के खाते में तीन किश्तों में एक लाख 20 हजार रूपये दिए जाएंगे। नक्सली इलाकों में यह राशि 1.30 लाख होगी। अब तक प्रदेश में ऐसे 25 हजार परिवारों को चिन्हित किया गया है।

परिवहन विभाग की गाड़ियों में स्पीड कंट्रोल डिवाइस नहीं लगेगा

परिवहन विभाग की गाड़ियों में स्पीड कंट्रोल डिवाइस लगाने के लिए पूर्व की सपा सरकार में लिए गए कैबिनेट के फैसले को निरस्त किया गया है। इसके लिए वेंडर का चयन नहीं हो सका था। अब इसके लिए टेंडर भी नहीं होगा। इसलिए टेंडर के लिए चयनित कंसलटेंट की भी जरूरत नहीं रही।

शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी

शहीद सैनिकों के आश्रितों को अब सरकारी नौकरी मिल सकेगी। कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। यह फैसला एक अप्रैल 2017 से लागू होगा। आश्रितों की नियुक्ति लोक सेवा आयोग के पदों पर नहीं हो सकेगी। अर्धसैनिक बलों के शहीदों के आश्रित गृह विभाग और सेना के शहीदों के आश्रित सैनिक कल्याण विभाग में आवेदन करेंगे।

प्रदेश की 80 हजार उचित दर की दुकानों पर लगेंगी ई—पास मशीनें

जिसके पास आधार नहीं, उन्हें भी राशन दिया जाएगा।

पाठयपुस्तकों के पब्लिकेशन नीति मंजूर।

पल्प युक्त पेपर का इस्तेमाल होगा।

बलिया के रसड़ा में 424.06 करोड़ की लागत से 400 केवीए का उपकेंद्र बनेगा।

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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