Top

मुख्तार बना चुनौतीः माफिया की सुरक्षा UP सरकार के लिए बड़ी जिम्मेदारी

मेडिकल कॉलेज बांदा के डाक्टरों की टीम ने परीक्षण किया। डाक्टरों ने बताया कि मुख्तार का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है।

Shreedhar Agnihotri

Shreedhar AgnihotriWritten By Shreedhar AgnihotriSumanPublished By Suman

Published on 7 April 2021 8:41 AM GMT

मुख्तार अंसारी
X

सोशल मीडिया से फोटो

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट के आदेष के बाद पंजाब की रोपड जेल से वापस बांदा जेल लाए गए कुख्यात माफिया और पांच बार के विधायक मुख्तार अंसारी की सुरक्षा करना अब जेल प्रशासन के लिए बडी चुनौती होगी। आज सुबह लगभग 5 बजे तड़के बांदा कारागार के अंदर दाखिल होने के बाद से जेल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गयी हे। मुख्तार को बैरक नंबर 16 में सामान्य कैदियों की तरह रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इससे पहले मुख्तार अंसारी की मेडिकल कॉलेज बांदा के चिकित्सकों की टीम ने उनका परीक्षण किया। डाक्टरों ने बताया कि मुख्तार का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है। उनकी आज कोरोना की जांच भी कराई गयी। अभी रिपोर्ट के बारे में पता नहीं चला है। फिलहाल कोरोना वायरस की वजह से मुख्तार के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया जाएगा।

मुख्तार अंसारी पर पैनी नजर

मुख्तार अंसारी की हर गतिविधि की 24 घंटे कैमरे से नजर रखी जा रही है। पूरे जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। जेल मुख्यालय लखनऊ के कमांड सेंटर रूम से इसकी लगातार मॉनिटरिंग उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही है। वही दूसरी तरफ कारागार की बाहरी सुरक्षा के लिए डेढ़ सेक्शन पीएसी के अतिरिक्त आईजी रेंज, द्वारा एक प्लाटून पीएसी भी प्रदान की गई है। कारागार की प्रशानिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए नगर मजिस्ट्रेट बांदा को प्रभारी जेल अधीक्षक बनाया गया है। प्रमोद कुमार त्रिपाठी ,जेलर तथा दो डिप्टी जेलर पहले से ही थे। बावजूद इसके दो नए डिप्टी जेलर तैनात किए गए हैं।




मेडिकल टीम ने मुख्तार असांरी की जांच

'प्रत्येक दशा में 24 घण्टे कारागार तथा मुख्तार अंसारी की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश पुलिस महानिदेशक महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार द्वारा दिए गए हैं। बांदा जेल के जेलर पीके त्रिपाठी ने मीडिया को बताया, ''जेल के अंदर दाखिल होने के तुरंत बाद मेडिकल टीम ने मुख्तार असांरी की जांच की। इसके बाद उसे पांच बजे बैरक में शिफ्ट किया गया। इसके बाद मुख्तार अंसारी ने कहा कि वह नहा धोकर सोना चाहता है, क्योंकि वह यात्रा से काफी थक गया है.। मुख्तार के लिए जेल में सामान्य कैदियों की तरह ही व्यवस्था की गयी हे।

अंसारी के खिलाफ इतने मामले

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अंसारी के खिलाफ 52 मामले दर्ज हैं और इनमें 15 में तफ्तीश चल रही है। अंसारी पर पूर्वांचल में कई जघन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने और कई पुलिसकर्मियों की हत्या करने का भी आरोप है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अंसारी गिरोह के गुर्गों और उसे शरण देने वालों पर आर्थिक कार्रवाई की और उसके सहयोगियों की करीब 192 करोड़ की संपत्ति जब्त एवं नष्ट की है।

Suman

Suman

Next Story