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UP में अवैध खनन रोकने के लिए सरकार ने बनाया ये प्लान, जानिए क्या?

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 30 July 2018 3:33 PM GMT

UP में अवैध खनन रोकने के लिए सरकार ने बनाया ये प्लान, जानिए क्या?
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लखनऊ: यूपी में अवैध खनन और उसके परिवहन पर लगाम लगाने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। उप खनिज नियमावली के प्राविधानों का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। अवैध खनन रोकने के लिए प्लान बना है। इसके मुताबिक अवैध खनन व परिवहन पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा व चेक गेट की व्यवस्था होगी। सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कार्यबल गठित किया गया है।

अक्सर पट्टाधारक स्वीकृत क्षेत्र से बाहर अवैध खनन करते पाए जाते हैं। राजस्व एवं खनन विभाग इसकी मानीटरिंग करेगा। नये खनन क्षेत्रों का सीमांकन भी होगा। ताकि खनन क्षेत्र से बाहर अवैध खनन न किया जा सके। यदि सीमास्तम्भों के निर्माण में पट्टाधारकों द्वारा नियम 59 (3) का उल्लंघन किया जाता है, तो प्रतिदिन 25000 रुपये की दर से जुर्माना संबंधित जिलाधिकारी द्वारा वसूला जाएगा। अवैध खनन व परिवहन पर निगरानी रखने के लिए पांच हे0 से बड़े खनन क्षेत्रों के पट्टाधारकों को अपने स्वीकृत क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा और चेक गेट का निर्माण कराना होगा।

नदी की जलधारा में खुदाई पर कार्रवाई

नदी की जलधारा में लिफ्टर मशीनों का प्रयोग कर उपखनिज की खुदाई पर कार्रवाई होगी। ऐसे पटटाधारकों से पांच लाख जुर्माना वसूला जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने शासन से शिकायत की थी कि पट्टाधारकों द्वारा नदी की जलधारा में मशीन लगाकर उपखनिज की खुदाई की जा रही है, जिसका पर्यावरण एवं परिस्थितिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और नदी की जलधारा में बदलाव से बाढ़ भी आती है।

अवैध खनन माफिया काली सूची बनेगी

अनुमोदित खनन योजना और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र में दर्ज मात्रा से अधिक खनन पर 50 हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूला जाएगा। अनाधिकृत खनन पर प्रति हे0 02 लाख रुपये से 05 लाख रुपये तक का दण्ड तय किया जाएगा। खनन पट्टाधारक के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा अवैध खनन व परिवहन पर जुर्मान के साथ ऐसे लोगों को काली सूची में डाला जाएगा।

ईएमएम के दुरूपयोग व मैजिक पेन के इस्तेमाल पर एफआईआर

अक्सर फर्जी वेबसाइट के माध्यम से भी पट्टाधारकों द्वारा फर्जी ई.एम.एम.-11 जनरेट कर उपखनिज बाजार में लाया जाता है। ई.एम.एम.-11 की फोटोकापी का दुरुपयोग कर और मुद्रित प्रपत्र-सी पर मैजिक पेन का उपयोग किया जाता है। जांच में यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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