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UP MLC Election: कमल का साथ छोड़ साइकिल पर सवार होने वाले स्वामी आज भरेंगे परिषद के लिए पर्चा

UP MLC Election: विधानसभा में सपा के 111 और सहयोगी दल के 14 विधायक हैं। कुल मिलाकर 125 विधायकों वाले सपा गठबन्धन में अभी दो सीटों पर उम्मीदवार घोषित नहीं हैं।

Shreedhar Agnihotri
Published on: 7 Jun 2022 3:01 AM GMT
Swami Prasad Maurya
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स्वामी प्रसाद मौर्य अखिलेश यादव के साथ (फोटो: सोशल मीडिया )

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UP MLC Election: यूपी में विधानसभा चुनाव (UP Vidhan Sabha Election) के ठीक पहले भाजपा (BJP) का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में शमिल होने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) अब उच्च सदन का रास्ता पकडेंगे। विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देख चुके स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) आज अपना पर्चा दाखिल करेंगे। जबकि दूसरी तरफ अपनी जीती हुई मैनपुरी की करहल सीट अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को देने वाले सोबरन सिंह यादव (Sobran Singh Yadav) को भी समाजवादी विधानपरिषद भेजने जा रही है। आज पूर्वान्ह 11 बजे वह भी अपना पर्चा दाखिल करेगें। बाकी बचे दो नामों पर अभी पार्टी के अंदर मंथन चल रहा है। नामांकन कराने के लिए अखिलेश यादव भी साथ आएंगे।

बतातें चलें कि विधानसभा में सपा के 111 और सहयोगी दल के 14 विधायक हैं। कुल मिलाकर 125 विधायकों वाले सपा गठबन्धन में अभी दो सीटों पर उम्मीदवार घोषित नहीं हैं। ऐसा लगता है कि पार्टी एक सीट पर सुहेलदेव समाज पार्टी अथवा रालोद के किसी नेता को चुनाव में उतारेगें। पार्टी हाईकमान की ओर से दो नामों को लेकर मंथन चल रहा है। गत दिवस अन्य दो के लिए प्रदेश कार्यालय पर कई नेताओं को बुलाया गया था। पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव विधानमंडल के संयुक्त सत्र मंग शामिल हुए, ऐसे में उनकी किसी नेता की मुलाकात नहीं हो पाई है।

इन 13 सीटों में भाजपा आठ सीटों को आराम से जीत लेगी। पर एक सीट पर पेंच फंस सकता है। वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के लिए इस चुनाव में प्रत्याशी चयन करना मुश्किल भरा है। जहां एक तरफ उनके सहयोगी राजपाल कश्यप और संजय लाठर जैसे नेताओं का कार्यकाल 26 मई को ही खत्म हो चुका है।

राजभर के बेटे को करना पड़ा था हार का सामना

समाजवादी पार्टी के सहयोगी दल ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि जब सहयोगी दल रालोद के जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजा जा सकता है तो फिर उनके बेटे अरूण राजभर को विधानपरिषद क्यों नहीं भेजा जा सकता है।

बतातें चलें कि ओमप्रकाश राजभर के बेटे को ही में विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। वहीं इमरान मसूद, सोबरन सिंह यादव, उदयवीर सिंह, रामगोबिन्द चौधरी के नामों की भी चर्चा है।

यूपी विधानपरिषद के छह जुलाई को खत्म हो रहे कार्यकाल के पहले भाजपा के 66 सदस्य फिलहाल उच्च सदन में है। जिनके लिए 20 जून को यह चुनाव कराया जा रहा है। यहां यह भी बताना आवश्यक है कि इन सीटों पर अधिकतर सीटों पर भाजपा अपना कब्जा जमाना चाह रही है।

इस चुनाव में भाजपा सरकार के पांच मंत्रियों का तो विधानपरिषद में जाना लगभग तय है। उनमें सहकारिता मंत्री जेपी राठौर, पिछडा वर्ग कल्याण मंत्री नरेन्द्र कश्यप, संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास मंत्री दानिश आजाद, आयुष और औषधि प्रशासन मंत्री दयाशंकर मिश्र और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य शामिल हैं। पर बाकी प्रत्याशियों की लिस्ट में शामिल होने के लिए दर्जनों नाम हैं।

विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 273 और सपा गठबंधन के 125 विधायक है। एक सीट के लिए करीब 31 मतों की आवश्यकता होगी।

इन मंत्रियों का कार्यकाल होगा समाप्त

योगीआदित्यनाथ के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधानपरिषद से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से एक सीट खाली हुई है। वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, कांग्रेस के दीपक सिंह, सपा के जगजीवन प्रसाद, बलराम यादव, डॉ. कमलेश कुमार पाठक, रणविजय सिंह, राम सुंदर निषाद एडवोकेट, सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए शतरुद्र प्रकाश, बसपा के अतर सिंह राव, सुरेंदर कुमार कश्यप और दिनेश चंद्रा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

Monika

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