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UP Legislative Assembly Election: विधानसभा उपाध्यक्ष के चुनाव में नितिन अग्रवाल के खिलाफ नरेन्द्र सिंह वर्मा

नरेन्द्र सिंह वर्मा सीतापुर जिले की महमूदाबाद सीट से पिछली छह बार से विधायक हैं । समाजवादी पार्टी की सरकार में तीन बार मंत्री भी रह चुके है।

Shreedhar Agnihotri

Shreedhar AgnihotriReport Shreedhar AgnihotriDivyanshu RaoPublished By Divyanshu Rao

Published on 14 Oct 2021 1:33 PM GMT

UP Politics
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 नितिन अग्रवाल और नरेन्द्र सिंह वर्मा की तस्वीर (फोटो:सोशल मीडिया)

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UP Legislative Assembly Election। पिछले कई वर्षो से रिक्त चल रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष (Deputy Speaker of Uttar Pradesh Legislative Assembly) का चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है। जहां सत्ताधारी भाजपा समाजवादी पार्टी के विधायक नितिन अग्रवाल पर अपना सियासी दांव लगाने की तैयारी में है। वहीं मुख्य समाजवादी पार्टी अन्य विपक्षी दलों के सहारे पार्टी विधायक नरेन्द्र सिंह वर्मा को उतारने पर विचार कर रही है। इसके लिए समाजवादी पार्टी के अंदर मंथन का दौर चल रहा हैं। वहीं सत्ताधारी भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) ने उपाध्यक्ष पद पर किसी पिछडी जाति के विधायक को उतारने की मांग कर विपक्ष को ताकत देने का काम किया है।

नरेन्द्र सिंह वर्मा सीतापुर जिले की महमूदाबाद सीट से पिछली छह बार से विधायक हैं । समाजवादी पार्टी की सरकार में तीन बार मंत्री भी रह चुके है। वह कुर्मी समाज से आते हैं । समाजवादी पार्टी अपनी स्थापना के समय से ही पिछडी जाति की राजनीति अब तक करती आई है। जबकि भाजपा नितिन अग्रवाल के सहारे एक तीर से दो निशाना मारना चाह रही है। एक तो इस फैसले से वैश्य वोटों को अपनी तरफ किया जा सकता है ।॥साथ ही नितिन अग्रवाल के पिता नरेश अग्रवाल की राजनीतिक ताकत से विधानसभा चुनाव में उनके प्रभाव का लाभ भी भाजपा को हरदोई की सभी सीटों पर मिल सकेगा।

यहां यह बताना जरूरी है कि विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव 14 सालों बाद हो रहा है। इसके पहले राजेश अग्रवाल 2007 में अंतिम उपाध्यक्ष बने थें। युनाइटेड प्रोविंशियल (तब उत्तर प्रदेश का यही नाम था) 31 जुलाई 1937 को अब्दुल हकीम पहले उपाध्यक्ष बने थे।

उत्तर प्रदेश विधान भवन की तस्वीर (फोटो:सोशल मीडिया)

इसके बाद नफीसुल हसन, हरगोविंद पंत, रामनारायण त्रिपाठी, होतीलाल अग्रवाल, श्रीपति मिश्र, वासुदेव, शिवनाथ सिंह कुशवाहा, जगन्नाथ प्रसाद, यादवेंद्र सिंह उर्फ लल्लन जी, हुकुम सिंह, त्रिलोक चंद्र, सुरेन्द्र सिंह चौहान, राम आसरे वर्मा, डॉ. अम्मार रिजवी, डॉ. वकार अहमद शाह और 17वें विधानसभा उपाध्यक्ष के तौर पर पर पूर्व मंत्री और बरेली से विधायक राजेश अग्रवाल 30 जुलाई, 2004 से 13 मई,2007 तक उपाध्यक्ष रहे। अब इतने वर्षो बाद यह मौका आया है जब विधानसभा उपाध्यक्ष के लिए मतदान की तैयारी है।

विधानसभा उपाध्यक्ष चुनाव के लिए 17 अक्तूबर को सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। उपाध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन पत्र विधानसभा सचिव के कक्ष से मिलेगा। कोई भी विधानसभा सदस्य नामांकन पत्र भरकर विधानसभा सचिव के समक्ष जमा कर सकते है। इसके बाद 18 अक्तूबर को सुबह 11 बजे विधानसभा मंडप में उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा।

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Divyanshu Rao

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