RO/ARO Exam: RO/ARO परीक्षा निरस्त होने के बाद हटाए गए UPPSC के परीक्षा नियंत्रक

RO/ARO Exam: शासन स्तर से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई और इसके बाद इस प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दिया गया। वहीं अब शासन ने परीक्षा नियंत्रक को हटा दिया है।

Ashish Kumar Pandey
Published on: 3 March 2024 4:21 PM GMT
UPPSC controller of examinations removed after cancellation of RO/ARO examination
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RO/ARO परीक्षा निरस्त होने के बाद हटाए गए UPPSC के परीक्षा नियंत्रक: Photo- Social Media

RO/ARO Exam: योगी सरकार ने रविवार को भी बड़ा एक्शन लिया। समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा निरस्त होने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक अजय कुमार तिवारी को भी हटा दिया है। उन्हें राजस्व परिषद में तैनाती दी गई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 11 फरवरी 2024 को समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा आयोजित कराई गई थी। परीक्षा के बाद से ही अभ्यर्थियों द्वारा पेपर लीक होने का आरोप लगाया जाने लगा। शासन स्तर से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई और इसके बाद इस प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दिया गया। वहीं अब शासन ने परीक्षा नियंत्रक को हटा दिया है।

6 महीने में दोबारा परीक्षा का आयोजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ओर से 11 फरवरी को आयोजित समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) प्रारंभिक परीक्षा-2023 की समीक्षा की। परीक्षा में कथित रूप से प्रश्न पत्र के कुछ प्रश्नों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इस संबंध में शासन द्वारा सर्व साधारण को परीक्षा को प्रभावित करने से संबंधित तथ्यों के साक्ष्य उपलब्ध मांगे थे। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 मार्च को दोनों सत्रों में आयोजित हुई प्रांरभिक परीक्षा को निरस्त करने का निर्देश दिया था और कहा था कि परीक्षा का आयोजन आने वाले 6 महीने में दोबारा किया जाएगा।

मामले की जांच एसटीएफ को

हालांकि अभी तक परीक्षा की तारीख जारी नहीं की गई है, लेकिन आयोग सही समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर देगा।मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं, इस प्रकार के आपराधिक कृत्य में शामिल व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए इस मामले की जांच एसटीएफ को दे दी जाए। एसटीएफ जल्द से जल्द इसकी विवेचना पूरी करेगी और इसमें लिप्त सभी उत्तरदायी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Shashi kant gautam

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