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जानिए क्यों शिवपाल यादव की पार्टी नहीं लड़ेगी UP में उपचुनाव?

कानपुर-2019 लोकसभा चुनाव हारने के बाद प्रसपा ने उत्तर प्रदेश में होने वाले उपविधानसभा चुनाव नहीं लडने का फैसला किया है। 2022 विधानसभा से पहले प्रसपा संगठन को मजबूत करने का काम करेगी। इसके लिए पार्टी के मुखिया के शिवपाल सिंह यादव वरिष्ठ पदाधिकारियों और नेताओं के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार कर रहे है।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 21 Jun 2019 6:34 AM GMT

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कानपुर: कानपुर-2019 लोकसभा चुनाव हारने के बाद प्रसपा ने उत्तर प्रदेश में होने वाले उपविधानसभा चुनाव नहीं लडने का फैसला किया है। 2022 विधानसभा से पहले प्रसपा संगठन को मजबूत करने का काम करेगी। इसके लिए पार्टी के मुखिया के शिवपाल सिंह यादव वरिष्ठ पदाधिकारियों और नेताओं के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार कर रहे है।

आने वाले विधानसभा चुनाव में सपा और बीजेपी को कैसे चुनौती देनी है इस पर भी रणनीति तैयार की जा रही है। संगठन को मजबूत करने के लिए सोशल मीडिया और एक्सपर्ट की भी मदद ली जाएगी।

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लोकसभा चुनाव में प्रसपा का खाता भी नहीं खुला है। पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव खुद भी अपनी सीट नहीं बचा पाए । उत्तर प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों पर उपविधान सभा चुनाव होने है।

प्रसपा के अंदर से ऐसी जानकारी निकल कर सामने आई है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुखिया उपविधान सभा चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है। बीते 10 जून से 13 जून तक प्रसपा की संपन्न हुई बैठक में भी इस पर चर्चा हुई थी।

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प्रसपा के एक वरिष्ठ नेता नाम नहीं खोलने की शर्त पर बताया कि पार्टी को लोकसभा चुनाव से बहुत कुछ सीखने को मिला है। प्रसपा का पूरा फोकस आने वाले विधानसभा चुनाव पर है। चुनाव की तैयारियों के लिए पार्टी गुणवत्ता युक्त राजनीति पर काम किया जा रहा है। जनता के बीच पैठ बनाने का हमारे पास सुनहरा मौका है।

इसके लिए एक्सपर्ट की भी मदद ली जाएगी। शहरी और ग्रामीण इलाकों में पार्टी खुद को पार्टी कैसे प्रेजेंट करेगी , जनता के बीच कैसे भरोसा बनाया जाए इस पर काम किया जा रहा है।

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प्रसपा घर-घर जाकर कार्यकर्ता बनाने का काम करेगी। जिसमें युवा , युवतियां और महिलाओं को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ ही बुजुर्गो को मार्गदर्शक के पद पर रखा जाएगा। संगठन को बूथ स्तर तक ले जाने और जिम्मेदार लोगों को तैनात करने की योजना है।

इसके साथ ही प्रसपा विधानसभा चुनाव से पहले पूरे उत्तर प्रदेश में एक बड़ा सोशल नेटवर्क तैयार करेगा। इस सोशल नेटवर्क को एक्सपर्टो की टीम हैंडल करेगी। प्रदेश की सभी विधानसभाओं से लेकर बूथ स्तर काम किया जाएगा। सपा ,बसपा और बीजेपी को चुनौती देने के लिए पार्टी कई्र ऐसे कदम उठा रही है जिससे आने वाले दिनो में देखकर सभी हैरान रह जाएंगे।

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उन्होने बताया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में प्रसपा के बिना कोई सरकार नहीं बनेगी। हमारी पार्टी प्रदेश में नया बदलाव लाने का काम करेगी। संगठन इसके लिए दिन रात काम कर रहा है।

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