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UP Congress: नौजवान बेरोजगार और दाने-दाने को मोहताज हैं संविदा कर्मी

UP Congress: उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने संविदाकर्मियों के पक्ष में अपनी आवाज उठाते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर बेरोजगारी को लेकर जबरदस्त विरोध दर्ज किया है।

Jyotsna Singh
Updated on: 27 Sep 2022 5:52 AM GMT
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congress uttar pradesh पिछले 15 वर्षो से स्थायी नौकरी की आस देखने वाले प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को सरकार ने अलग कैडर बनाने की घोषणा कर जमकर वाहीवाही लूटी। लेकिन अभी तक घोषणा फाइलों से बाहर ही नहीं निकली है। इस वजह से प्रदेश के संविदाकर्मियों में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। संविदाकर्मियों का कहना है कि सरकार ने अलग कैडर बनाने के नाम पर तीन साल गुजार दिए। लेकिन अभी तक राहत मिलना शुरू नहीं हुआ है। सरकार ने अलग कैडर बनाते हुए घोषणा की थी इनके लिए अलग से भर्तियां की जाएगी। तबादलों को लेकर अलग से गाइडलाइन बनाने का दावा किया था। लेकिन दोनों ही मामले अभी तक फाइलों में उलझे हुए है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने संविदाकर्मियों के पक्ष में अपनी आवाज उठाते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर बेरोजगारी को लेकर जबरदस्त विरोध दर्ज किया है ।

पार्टी ने कहा है कि राज्य सरकार नौकरी तो दे नहीं रही है बल्कि संविदा पर नौकरी देकर युवा बेरोजगारों का जमकर उत्पीड़न किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से यह भी कहा गया है कि प्रदेश में नौकरियां न होने से बेरोजगार संविदा पर काम करने के लिए मजबूर हैं। संविदा पर काम कर रहे ज्यादातर संविदा कर्मियों को समय पर भुगतान न मिलना और कम वेतन मिलने की समस्या आम है, प्रदेश की बीजेपी सरकार जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, लेकिन संविदा कर्मियों के मामले में अधिकारी पूरी तरह से सरकारी दावे को पलीता लगा रहें हैं साथ ही बड़े घोटालों को अंजाम दे रहे है।

प्रदेश कांग्रस प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे ही मामले को लेकर सुल्तानपुर जिले में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से संबंधित संविदा कर्मियों के एरियर भुगतान की जांच तीन सदस्यों की कमेटी से कराया, जिसमे गड़बड़ी पायी गई। इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। जांच में गलत भुगतान की जानकारी भी प्रकाश में आई है। सरकार के उच्च अधिकारियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा। सरकार पीड़ितों की शिकायत को भी ध्यान नही दे रही है। इतनी विसंगतियों के बीच राज्य सरकार के छह महीने पूरे होने पर खुशी मना रही है, जबकि संविदा कर्मी महिलाओं की हालत बेहद दयनीय है वहीं नौजवान, बेरोजगार रहने के लिए अभिशप्त एवं दाने-दाने को मोहताज हैं।

Ramkrishna Vajpei

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