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VHP के संतों ने पूछा- रामलला के साथ साथ सेल्फी क्यों नहीं लेते मोदी?

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NewstrackBy Newstrack

Published on 4 Feb 2016 2:52 PM GMT

VHP के संतों ने पूछा- रामलला के साथ साथ सेल्फी क्यों नहीं लेते मोदी?
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इलाहाबाद. विश्व हिंदू परिषद की गुरुवार से शुरू हुई केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में राम मंदिर निर्माण पर संत समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाखुश दिखा। बीजेपी के पूर्व सांसद और अयोध्या राम मंदिर न्यास के उपाध्यक्ष राम विलास वेदांती ने कहा,''नरेंद्र मोदी जब अरब में जाकर दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने सेल्फी के सकते हैं तो अयोध्या आकर रामलला के सामने सेल्फी क्यों नहीं लेते? जब वो सफाई अभियान पर मन की बात कर सकते हैं, भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए मन की बात कर सकते हैं, तो राम मंदिर निर्माण के लिए मन की बात क्यों नहीं करते? संतों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पीएम जल्द राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आएं।

तो संत करेंगे विरोध...

त्रिवेणी संगम पर वीएचपी की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में गोरक्षा,धर्मरक्षा जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन राम मंदिर के निर्माण में मोदी की चुप्पी पर संतों ने उनको अल्टीमेटम दे दिया। राम विलास वेदांती ने कहा, ''अगर मोदी अपनी खामोशी खत्म नहीं करते तो लाखों-संतों के सब्र का बांध टूट जाएगा।लोकसभा चुनाव में देश के लाखों संतों ने घर-घर जाकर बीजेपी और मोदी के पक्ष में लहर बनाई थी। वैसे ही अगर राम मंदिर निर्माण के लिए निर्णय नहीं लिया तो उनके विरोध में संत निकलेंगे और लोगों को बताएंगे कि देश के प्रधानमंत्री ने क्या किया।''

और क्या कहा?

-वेदांती ने कहा- मोदी यदि दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन बुलाएं तो उनको राम मंदिर मामले में पूर्ण बहुमत मिलेगा।

-ये भी हो सकता है हाईकोर्ट की तरह ही सुप्रीम कोर्ट में अगर तीन जजों की खंडपीठ मामले की सुनवाई करेगी तो वो भी राम मंदिर के पक्ष में ही अपना निर्णय सुनाएगी।

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