विकास था गब्बर: गांव में 20 साल तक ऐसा खौफ़, नहीं पहना नया कपड़ा

बुजुर्ग ने विकास दुबे के खौफ को बयान करते हुए बताया कि 20 साल पहले एक दिन जब वह नये कपड़े पहनकर निकला तो विकास ने उसे जमकर पीटा था । जिसके बाद से उसने कभी नये कपड़े नहीं पहने।

आशुतोष त्रिपाठी 

लखनऊ: विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ ही उसकी दहशत भी ख़त्म हो गयी है। गाँव के लोग इससे काफी खुश नजऱ आ रहे हैं। कई गांव वाले खुलकर सामने आये और उसकी गुंडागर्दी की कहानियां भी सुनाई। कई गाँव वालों को कहना है कि विकास दुबे की दहशत बिकरू गाँव में इस कदर थी कि गाँव के लोग कोई भी बड़ा जलसा करने में भी डरते थे। कईयों ने तो उसकी तुलना शोले के गब्बर से भी कर दी, गाँव वालों का कहना था कि अगर गाँव में कोई बड़ा जलसा होता था तो वो आकर उसे रुकवा दिया करता था।

20 साल से नहीं पहने नये कपड़े

गांव वालों के मन से विकास दुबे के डर को ख़त्म करने के लिए पुलिस वालों ने बिकरू गांव में एक चौपाल लगायी, जिसमें सभी को अपने दिल की बात कहने की खुली छूट थी। इस मौके पर एक बुजुर्ग ने बताया कि उसने पिछले 20 साल से नये कपड़े ही नहीं पहने। जिसकी वजह उसने विकास दुबे का खौफ बताया।

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विकास दुबे की मौत के बाद नयी शर्ट खरीदी

बुजुर्ग ने विकास दुबे के खौफ को बयान करते हुए बताया कि 20 साल पहले एक दिन जब वह नये कपड़े पहनकर निकला तो विकास ने उसे जमकर पीटा था । जिसके बाद से उसने कभी नये कपड़े नहीं पहने। लेकिन उन्होंने कहा कि विकास दुबे की मौत के बाद ही उन्होंने एक नयी शर्ट खरीदी है और जल्द पहनेंगे।

 

डर के मारे छोड़ दिया गांव

बिकरू गांव के 65 वर्षीय विजय ने बताया कि विकास दुबे ने उसका जीना हराम कर दिया था। गांव की सभी राशन की दुकानों पर पर मुझे राशन देने से मना कर दिया था और कभी सामने देख लेता तो खूब गाली देता और कभी कभी मारता भी था। जिसके कारण मुझे गांव छोड़ना पड़ा। मैंने चार महीने पहले गांव छोड़ दिया था और बाहर ही मजदूरी करके अपना पेट पाल रहा था।

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