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Mirzapur News : नाव हादसे के तीन दिन बाद भी लापता का सुराग नहीं, लोगों में फूटा गुस्सा

Mirzapur News : विंध्याचल के अखाड़ा घाट से गंगा पार स्नान कर लौट रहे लोग नौका दुर्घटना के शिकार हो गए थे। पांच लापता लोगों के अभी तक शव नहीं मिले हैं।

Brijendra Dubey
Updated on: 2021-09-11T21:03:51+05:30
लापता शव न मिलने पर परिजनों ने लगाए प्रशासन पर आरोप
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लापता शव न मिलने पर परिजनों ने लगाए प्रशासन पर आरोप

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Mirzapur News : मिर्जापुर में विंध्याचल के अखाड़ा घाट के पास गंगा में नाव डूबने के तीन दिन बाद भी लापता लोगों का पता नहीं चलने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने घाट पर हंगामा करने के बाद थाने पहुंच कर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठने की चेतावनी भी दी है। अधिकारियों ने किसी तरह उन्हें शांत कर वापस भेजा है।


विंध्य पर्वत की पहाड़ियों में झारखंड (Jharkhand) और बिहार (Bihar) से तीन परिवारों के लोग अपने मन में आस्था लेकर मां के दरबार में दर्शन पूजन करने पहुंचे थे। मिर्जापुर में विंध्याचल मंदिर (Vindhyachal Temple) आदिकाल से बना है। जहां पर लाखों भक्त अपनी आस्था लेकर दर्शन पूजन के लिए अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। इसी वजह से झारखंड और बिहार के परिवारों के साथ छोटे छोटे बच्चे महिलाएं भी दर्शन करने आई थी। हादसे की पृष्ठभूमि तब तैयार हो गई जब इन परिवारों ने गंगा स्नान करने का फैसला किया।

क्या हुआ था ऐसा जिसमे छह लोग हो गए थे लापता

बताते चले मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने से पहले स्नान करना ज्यादातर दर्शनार्थी पसंद करते हैं। जिसके कारण विंध्याचल के अखाड़ा घाट पर स्नान करने के लिए झारखंड से आए दर्शनार्थियों का परिवार गंगा पार गया था। गंगा पार स्नान करने के बाद सभी नाव से इस पार आने वाले थे। तभी तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। दर्शनार्थियों ने बारिश बंद होने के बाद चलने की बात कही, पर नाविक अति उत्साह में था। उसने दर्शनार्थियों की बात को नहीं माना। मना करने के बाद भी वह नाव लेकर चलने लगा। उस वक्त नाव पर कुल 14 लोग सवार थे। जिसमें ड्राइवर, फोटोग्राफर और नाविक भी थे। अचानक बारिश और तेज हवाओं के झोके से नाव बीच गंगा में समाहित हो गई। जिसमें 6 लोग गंगा में लापता हो गए।

परिजनों का प्रशासन पर गंभीर आरोप

विंध्याचल थाना क्षेत्र के अखाड़ा घाट पर तीन दिन पूर्व हुए नाव हादसे में लापता पांच लोगों का अब तक पता ना चलने पर शनिवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। घाट पर हंगामा करने के बाद परिजन थाने पहुंच कर प्रदर्शन करने लगे और धरने पर बैठने की चेतावनी भी दी। परिजनों ने गंगा किनारे शव तलाशी अभियान में हीला हवाली का आरोप लगाने के साथ ही पानी व अन्य प्रकार की व्यवस्था ना किए जाने का आरोप लगाया। परिजनों की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों ने उनकी बातों को अमल में लाने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कर वापस भेजा।


पुलिस ने नाविक और फोटोग्राफर को किया गिरफ्तार


झारखंड के बक्सर, जमशेदपुर, रांची से आए परिवार के 12 सदस्य नाव से विंध्याचल के अखाड़ा घाट के गंगा पार गए थे। वहां स्नान करने के बाद वापस आ रहे थे। नाव गंगा में पलट गई। इसमें आठ लोग तो बच गए पर परिवार के छह सदस्य लापता हो गए थे। एक बालक का शव अगले दिन गुरुवार को फतहा घाट पर मिला। उसके बाद से एनडीआरएफ की टीम तलाश कर रही है, पर बाकी पांच लोगों का पता नहीं चल सका है।

घटना के बाद परिवार के काफी सदस्य विंध्याचल पहुंचे हैं। घाट पर तलाशी अभियान के दौरान परिजनों का इंतजार करते रहे पर घाट पर पीने के पानी व अन्य व्यवस्था ना होने तलाशी अभियान में हीला हवाली को देखते हुए परिजनों का गुस्सा शनिवार की दोपहर फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने थाने पहुंचकर प्रदर्शन कर धरने पर बैठने की चेतावनी दी। थाने पर आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्रा, एसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने परिजनों को समझा कर उनकी बातों को अमल में लाने का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजन माने।

पुलिस ने क्यों लिया हिरासत में नाविक और फोटोग्राफर को

थाना विंध्याचल के अखाड़ा घाट पर बिहार से मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन करने विकास कुमार ओझा अपने परिवार के 12 सदस्यों के साथ आए थे। गंगा स्नान के दौरान गंगा नदी के एक तरफ से दूसरे तक जाने के बाद वापस लौट रहे थे, कि नाव डूब गई जिसमें सवार राजेश, विकास, दीपक, सुदीप, अलका व रीतिका को सकुशल बचा लिया गया था। जबकि नाव में सवार अन्य छह लोग गुड़िया, खुशबू, अनीशा, सत्यम, शौर्य सहित एक बच्ची गंगा में डूब गए थे। जिस संबंध में थाना विंध्याचल पर पीड़ित परिवार ने मुकदमा दर्ज कराया था।


नामजद तहरीर पर पुलिस ने धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर नाविक एवं फोटोग्राफर के विरुद्ध कार्रवाई में जुटी थी। पुलिस ने पत्रकार वार्ता में बताया कि नाविक द्वारा प्रशासन के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए दर्शनार्थियों को प्रेरित कर नाव में बैठाकर गंगा के दूसरे तट पर ले जाया गया। जबकि उस पार ले जाने का कोई औचित्य नहीं था। नाव में निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को बैठाया गया था। खराब मौसम एवं दर्शनार्थियों द्वारा मना करने के बावजूद भी नाव को दूसरे तट से वापस घाट पर लाया जा रहा था। जिसके क्रम में आज दोनों आरोपियों को गौतम व प्रदीप को विंध्याचल के तिवारीपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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