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Famous Temples in UP: 5-5 रुपये के सहयोग से बना था मंदिर, जुटते हैं पांच राज्यों के श्रद्धालु

Famous Temples in UP: सोनभद्र और झारखंड के गढ़वा जनपद की सीमा पर एक ऐसा सूर्य मंदिर जो छठ पर्व के लिए है प्रसिद्ध

surya mandir
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सूर्य मंदिर की तस्वीर (फोटो-न्यूजट्रैक)

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Famous Temples in UP: सूर्योपासना के चारदिनी महापर्व छठ (Chhath Parv) की शुरुआत होने के साथ ही इसको लेकर जहां श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। वहीं यूपी के सोनभद्र और झारखंड के गढ़वा जनपद की सीमा पर एक ऐसा सूर्य मंदिर (surya mandir) स्थापित है, जहां छठ पर्व (Chhath Parv) मनाने के लिए उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है। दो नदियों के संगम तट पर स्थापित होने के नाते इस स्थल का श्रद्धालुओं में विशेष महत्व है। वहीं 5-5 रुपए के सहयोग से मंदिर बनाए जाने के कारण हजारों श्रद्धालुओं की श्रद्धा इस मंदिर से जुड़ी हुई है।

झारखंड-उत्तर प्रदेश सीमा (Jharkhand Uttar Pradesh Border) को विभाजित करने वाली सततवाहिनी नदी के संगम तट पर विंढमगंज में स्थापित सूर्य मंदिर न केवल उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है बल्कि झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के भी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था यहां से जुड़ी हुई है। छठ पर्व (Chhath Parv) पर यहां लगभग 10,000 व्रती महिलाएं पूरी रात डेरा जमाती हैं। उनके साथ परिवार, रिश्तेदार एवं अन्य श्रद्धालुओं का भी जमावड़ा लगता है।


वर्ष 2000 में रखी गई थी मंदिर निर्माण (surya mandir) की आधारशिला सन क्लब सोसायटी की तरफ से वर्ष 2000 में सतत वाहिनी नदी तट पर विशाल सूर्य मंदिर(surya mandir) निर्माण की आधारशिला रखी गई थी। इसके लिए स्थानीय लोगों और यहां छठ पूजा (Chhath Parv) के लिए आने वाले लोगों से पांच-पांच रुपये का आर्थिक सहयोग लेकर भव्य मंदिर तैयार कराया गया। दिगंबर अखाड़ा अयोध्या से संबंध यहां स्थित श्रीराम मंदिर के महंत मनमोहन दास बताते हैं कि जब यहां श्रीराम मंदिर की आधारशिला रखी गई, तभी छोटी सी पिंडी के रूप में सूर्य भगवान की भी स्थापना कर दी गई थी। क्लब के संयोजक प्रभात कुमार ने बताया कि समय बीतने के पश्चात सन क्लब सोसाइटी की तरफ से जनसहयोग से विशाल सूर्य मंदिर (surya mandir) का निर्माण कराया गया।


जयपुर में तराशे गए दूधिया संगमरमर पर स्थापित है सूर्य देव की प्रतिमा

जयपुर में तराशे गए दूधिया संगमरमर पर वाराणसी के कारीगरों ने सात घोड़े पर सवार भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित की है। सन क्लब सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष अमित कुमार केशरी बताते हैं कि यहां स्थापित सूर्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से इतनी जीवंतता आ गई है कि यहां मांगी जाने वाली मन्नत अवश्य पूरी होती है। झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के साथ, उत्तर प्रदेश के दर्जनों गांवों से छठ व्रत करने वाली हजारों महिलाएं यहां आती हैं और अपने दुःखों को दूर करने के लिए भगवान भाष्कर से निवेदन करती हैं। अगले वर्ष मनौती पूर्ण होने पर पूरे गाजे-बाजे के साथ सपरिवार छठ पूजा (Chhath Parv) करने यहां आते हैं। इस दौरान पूरा इलाका छठी मैया की जयकारा और भगवान सूर्य के जयघोष से गूंज उठता है।


व्रती महिलाओं के लिए लगाया गया 150 टेंट

यूपी-झारखंड सीमा (Jharkhand Uttar Pradesh Border) स्थित सूर्य मंदिर (surya mandir) पर छठ पूजा के लिए आने वाली प्रति महिलाओं के लिए डेढ़ सौ टेंट लगाए गए हैं। यहां आने वाली महिलाओं और उनके साथ आने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न होने पाए, इसके लिए वालिंटरों की भी तैनाती की गई है। ट्रैफिक एवं अन्य सुविधाओं के दृष्टिगत झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान भी सीमा के दोनों तरफ मौजूद रहेंगे। शाम की आरती में दुद्धी विधायक हरिराम चेरो, भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही, अनुसूचित जनजाति आयोग उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान सहित कई प्रमुख लोगों की मौजूदगी बनी रहेगी।

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Raghvendra Prasad Mishra

Raghvendra Prasad Mishra

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