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Sonbhadra: आर्केस्ट्रा देखने गई नाबालिग का युवकों ने गैंगरेप के बाद की थी हत्या, अब मिली उम्रकैद की सजा

Sonbhadra: साढ़े आठ वर्ष पूर्व आर्केस्ट्रा देखने गई 14 वर्षीय नाबालिग का सामूहिक दुष्कर्म करने और इसके बाद गला दबाकर हत्या किए जाने के मामले में दो को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

Kaushlendra Pandey
Updated on: 24 Feb 2022 1:55 PM GMT
Bihar Gangraped News
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Bihar Gangraped News (फोटो : सोशल मीडिया )

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Sonbhadra: साढ़े आठ वर्ष पूर्व आर्केस्ट्रा देखने गई 14 वर्षीय नाबालिग का सामूहिक दुष्कर्म करने और इसके बाद गला दबाकर हत्या किए जाने के मामले में दो को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक आरोपी को पौने दो-पौने दो लाख का अर्थदंड लगाने के साथ ही, इसे अदा न करने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास की भी सजा निर्धारित की गई है। वहीं इस मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने वाले विवेचक के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं और सजा सुनाने वाली अदालत की तरफ से इसको लेकर डीजीपी लखनऊ को पत्र भी भेजा गया है।

बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश,विशेष न्यायाधीश पॉक्सो पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने जैसे ही इस मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषी संतोष गुप्ता और श्यामू यादव को उम्रकैद और प्रत्येक को एक लाख 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, आरोपी खेमे में मायूसी छा गई। वहीं पीड़ित पक्ष से इसे न्याय की जीत बताया। कोर्ट ने अर्थदंड की पूरी धनराशि तीन लाख 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश पारित किया गया है।

यह है पूरा प्रकरण -

अभियोजन कथानक के मुताबिक घोरावल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का निवासी व्यक्ति 10 मई 2013 को घोरावल थाने पहुंचा। पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि नौ मई 2013 को गांव में बारात में आई थी। उसमें बारातियों-घरातियों के मनोरंजन के लिए आर्केस्ट्रा भी लाया गया था जिसे देखने के लिए उसकी 14 वर्षीय बेटी भी गई हुई थी।

उसी दौरान अज्ञात लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को खेत में फेंक दिया। इस पर मामला दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की तो तीन लोगों का नाम सामने आया। इसमें आरोपी मानवेंद्र सिंह उर्फ करिया सिंह निवासी पीड़रिया थाना घोरावल की मौत हो गई। जबकि अन्य दो आरोपी संतोष गुप्ता पुत्र मटर गुप्ता और श्यामू यादव पुत्र मंगल यादव निवासी पीड़रिया थाना घोरावल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

दोनों के खिलाफ विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई। अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के गवाहों, दलीलों को सुनने के उपरांत बृहस्पतिवार को इस पर फैसला सुनाने की तिथि मुकर्रर की गई दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संतोष गुप्ता और श्यामू यादव को दोषी करारते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

प्रत्येक पर एक लाख 75 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया। आदेश पारित किया गया कि अगर वह अर्थदंड अदा नहीं करते हैं तो उन्हें एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

विवेचक की मिली लापरवाही, कार्रवाई के लिए भेजा पत्र

विवेचना के दौरान कुछ बिंदुओं पर विवेचक की लापरवाही पाई गई। इसको गंभीरता से लेते हुए अदालत ने लापरवाह विवेचक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक लखनऊ को पत्र भी भेजा है। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि एवं सत्य प्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट ने पैरवी की।

Vidushi Mishra

Vidushi Mishra

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