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यूपी में पानी का संकट: ऐसे दूर कर रही योगी सरकार, चला रही ये बड़ी योजना

सभी जिलों में पेयजल का संकट को लेकर शुद्ध पेयजल की पुर्ति की जा रही है। इसके लिए बुंदेलखंड में 1560 टैंकर तथा प्रदेश में 4275 टैंकर लगाए गए हैं।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 1 Jun 2020 5:27 PM GMT

यूपी में पानी का संकट: ऐसे दूर कर रही योगी सरकार, चला रही ये बड़ी योजना
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मनीष श्रीवास्तव

लखनऊ। प्रदेश सरकार इस भीषण गर्मी में राज्य के बुंदेलखंड समेत उन सभी जिलों में जहां पेयजल का संकट है शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रही है। इसके लिए जल की कमी वाले बुंदेलखंड वाले क्षेत्र में 1560 टैंकर तथा प्रदेश में 4275 टैंकर लगाकर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए लोगों को परेशान न होना पड़े, इसकी लगातार निगरानी के लिए ब्लाॅक, जनपद तथा राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किये गये है। पेयजल संबंधी कोई शिकायत कंट्रोल रूम को प्राप्त होने पर उसका तत्काल निस्तारण किया जा रहा है।

बुंदेलखंड समेत सभी पेयजल संकट वाले जिलों में टैंकर से शुद्ध पेयजल पहुंचा रही है यूपी सरकार

प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य पेयजल, स्वच्छता मिशन, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर को पाइप लाइन से जोड़ने की योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेयजल के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण करने के साथ ही टैंकर के माध्यम से गांव तक पेयजल पहुॅचाया जा रहा है। जल संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए समस्याग्रस्त क्षेत्रों में 3378 अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है।

यूपी में 4275 टैंकरों से हो रही है पेयजल आपूर्ति, बुंदेलखंड में लगे 1560 टैंकर

जलशक्ति मंत्री ने बताया कि शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए लगाये गये टैंकर समस्याग्रस्त गांवों में कई चक्कर लगाकर शुद्ध पीने का पानी पहुचा रहे है। इसके अलावा गांव तथा मजरों में लगभग 13320 प्याऊ की व्यवस्था की गयी है। पशु-पक्षियों के लिए भी बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 11020 तथा प्रदेश भर में 23791 चरही का निर्माण कराया गया है। जरूरत के मुताबिक दूसरे क्षेत्रों में भी प्याऊ और चरही की व्यवस्था करायी जा रही है।

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उन्होंने बताया कि ग्रामीण पेयजल आपूर्ति विभाग को कड़े निर्देश जारी किये गये है कि प्रदेश की ग्रामीण जनता को पेयजल संकट से न जूझना पड़े। इसके लिए राज्य स्तर पर जल निगम मुख्यालय परिसर लखनऊ के समीप राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के आफिस में कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है। जिस पर पेयजल संबंधी शिकायतों का गम्भीरता से संज्ञान लेते हुए निस्तारण की व्यवस्था करायी जा रही है।

नोडल अधिकारी व कंट्रोलरूम से हो रही है पेयजल आपूर्ति की मानीटरिंग: जल शक्ति मंत्री

डा. सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा राज्य स्तरीय एवं जनपद स्तरीय नोडल अधिकारियों की तैनाती की गयी है, जो पेयजल सकंट से संबंधित शिकायतों का निस्तारण और समस्याग्रस्त ग्रामीण अंचलों में पेयजल आपूर्ति की लगातार निगरानी कर रहे है। लाॅकडाउन जैसी विषम परिस्थितियों में नोडल अधिकारी एवं कर्मचारी शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कर रहे है।

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