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DM बन गए मास्टर जी: क्लास में नहीं थे टीचर तो खुद उठा लिया चॉक-डस्टर

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AdminBy Admin

Published on 28 April 2016 5:10 AM GMT

DM बन गए मास्टर जी: क्लास में नहीं थे टीचर तो खुद उठा लिया चॉक-डस्टर
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बहराइच/श्रावस्ती: सरकारी स्कूल में टीचरों की कमी को देख निरीक्षण करने गए डीएम ने खुद बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं डीएम ने जिले के सभी अधिकारियों से बच्चों को पढ़ाने की अपील की। डीएम के इस कदम का असर ये हुआ कि सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षक भी समय से स्कूल पहुंचकर नौनिहालों का भविष्य सवारने में जुट गए हैं।

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स्‍टूडेंट स्‍टूडेंट

क्या है मामला

-श्रावस्ती जिले में तैनात डीएम नितेश कुमार मुख्यालय पर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे।

-स्कूल में उन्हें शिक्षकों की भारी कमी नजर आई। इससे वहां पढ़ रही छात्राओं को काफी दिक्कतें आ रही थीं।

-ये देखने के बाद डीएम खुद मास्टर जी की भूमिका में आ गए और छात्राओं को पढ़ाना शुरू कर दिया।

-इतना ही नहीं उन्होंने जिले के सभी अन्य अधिकारियों से भी रोज कार्यालय समय से पहले आकर बच्चों को पढ़ाने की अपील की।

-डीएम की इस पहल से छात्रों में एक उम्मीद की किरण जगी है कि अब शायद उन्हें भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

श्रावसती के डीएम नितीश कुमार श्रावस्‍ती के डीएम नितेश कुमार

डीएम की हो रही सराहना

-साक्षरता के लिहाज से यह इलाका काफी नीचे पायदान पर है।

-इसमें लड़कियों की पढ़ने की दर न्यूनतम स्तर पर है।

-डीएम के इस प्रयास की जमकर सराहना की जा रही है।

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