×

मुश्किल घड़ी में आगे आए NDRF जवान, चलती ट्रेन में कराई महिला की डिलिवरी

आमिर खान और करीना कपूर की फिल्म थ्री इडियट तो आपने देखी ही होगी। फिल्म का वो सीन भी याद होगा जिसमें आमिर अपने दोस्तों के साथ एक महिला की डिलिवरी कराते हैं। कुछ ऐसी तस्वीर देखने को मिली महामना एक्सप्रेस ट्रेन में बैठे मुसाफिरों को। चलती ट्रेन में जब एक महिला लेबर पेन से कराह रही थी तो उसकी मदद के लिए आगे आया एनडीआरएफ का जवान प्रमोद कुमार। मुश्किल की इस घड़ी में प्रमोद ने मोर्चा संभाला और फोन पर डॉक्टर की मदद से महिला की सफल डिलिवरी कराई।

priyankajoshi

priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 31 Oct 2017 2:59 PM GMT

मुश्किल घड़ी में आगे आए NDRF जवान, चलती ट्रेन में कराई महिला की डिलिवरी
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

वाराणसी: आमिर खान और करीना कपूर की फिल्म थ्री इडियट तो आपने देखी ही होगी। फिल्म का वो सीन भी याद होगा जिसमें आमिर अपने दोस्तों के साथ एक महिला की डिलिवरी कराते हैं। कुछ ऐसी तस्वीर देखने को मिली महामना एक्सप्रेस ट्रेन में बैठे मुसाफिरों को। चलती ट्रेन में जब एक महिला लेबर पेन से कराह रही थी तो उसकी मदद के लिए आगे आया एनडीआरएफ का जवान प्रमोद कुमार। मुश्किल की इस घड़ी में प्रमोद ने मोर्चा संभाला और फोन पर डॉक्टर की मदद से महिला की सफल डिलिवरी कराई।

कोई अन्य महिला नहीं थी मौजूद

एनडीआरएफ के जवान प्रमोद कुमार दीपावली की छुट्टियां बिताने के बाद महामना एक्सप्रेस से वापस वाराणसी आ रहे थे। ट्रेन के जिस कोच में सवार थे, उसी में एक गर्भवती महिला दुर्गा देवी अपने पति राम सिंह के साथ यात्रा कर रही थी। इसी बीच अचानक दुर्गा को लेबर पेन शुरू हो गया। महिला की सहायता के लिए डिब्बे में कोई अन्य महिला मौजूद नहीं थी। धीरे-धीरे दर्द बढ़ने लगा और महिला तड़पने लगी।

मुश्किल घड़ी में आगे आए प्रमोद

महिला की हालत बिगड़ती देख प्रमोद कुमार ने मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया। उसने महिला के पति को अपना परिचय दिखाया और बताया कि वह इस प्रकार कि परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित है। प्रमोद ने तुरंत अपने बटालियन के सीनियर डॉक्टर डॉ अमित नंदन त्रिपाठी को फोन किया और उनकी मदद से महिला का प्रसव कराया। सभी जरुरी एहतियात बरतते हुए प्रमोद ने अपने पास उपलब्ध साफ़ कपड़ों से शिशु और माँ को साफ़ किया और साथ ही अम्लीकल कॉर्ड (नाल) को धागे व नए ब्लेड की सहायता से काटकर शिशु का सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया।

priyankajoshi

priyankajoshi

इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

Next Story