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1090 में ही नहीं सुरक्षित हैं महिलाएं, सैलरी मांगने पर मिलती है धमकी

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Published on 13 July 2016 1:17 PM GMT

1090 में ही नहीं सुरक्षित हैं महिलाएं, सैलरी मांगने पर मिलती है धमकी
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women helpline 1090 सपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करतीं 1090 की महिला कर्मचारी

लखनऊ: सपा कार्यालय के बाहर बुधवार को महिला हेल्प लाइन 1090 की महिला कर्मचारियों ने चार महीने से सैलेरी न मिल पाने के कारण धरना दिया। महिला कर्मचारियों ने सीएम अखिलेश यादव को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है जिसमें यह गुजारिश की गई है उन्हें जल्द से जल्द बकाया वेतन दिलाया जाए और उनकी नौकरी भी बचाई जाए। यही नहीं प्रदर्शन कर रहीं महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें नौकरी के लिए लगातार धमकी दी जा रही है कि 'अगर तुम लोगों ने कोई धरना दिया तो तुम सबको यहां नौकरी से निरस्त कर दिया जाएगा।'

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4 महीने से न सैलेरी मिली, न जॉइनिंग लेटर

-प्रदर्शन कर रही महिला कर्मचारियों ने बताया कि 15 मार्च 2016 से 42 लड़कियों को 1090 में प्राइवेट बेस पर नौकरी में रखा गया था।

-यह कॉन्ट्रैक्ट प्राइवेट कंपनी टेक्नोसिस से हुआ था।

-जहां सभी 42 लड़कियों को 10,642 रूपए प्रतिमाह वेतन देने को कहा गया था।

-जो पीएफ और ईएसआई कटकर 7,945 रूपए प्रतिमाह होता है।

-धरना दे रहीं सबीना, अंजलि, रोमी, जूली, हर्षिता, वंदना समेत सभी लड़कियों का कहना है कि पर अब तक न तो उन्हें कोई जॉइनिंग लेटर मिला है और न ही 4 महीने से कोई वेतन मिला है।

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सीएम साहब वेतन दिलाइए, नौकरी बचाइए

लड़कियों ने पत्र लिखकर सीएम अखिलेश यादव से गुजारिश की है कि उनका 4 महीने का वेतन और जॉइनिंग लेटर दिलाया जाए साथ ही यह भी आश्वासन दिया जाए की हमारे इस निर्णय के बाद नौकरी पर कोई खतरा नहीं पडेगा।

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हड़ताल की वजह से इंगेज जाती रही फोन लाइन्स

1090 की महिला कर्मचारियों के प्रदर्शन से राजधानी समेत पूरे प्रदेश भर की लड़कियां शोहदों से आजिज आकर वीमेन पॉवर हेल्पलाइन पर फोन मिलाती रहीं, लेकिन संविदा पर नियुक्त कॉल टेकर्स की हड़ताल की वजह से ज्यादातर बार फोन लाइन इंगेज जाती रही।

3 साल पहले 1090 की हुई थी शुरुआत

-महिलाओं को शोहदों की ईवटीजिंग से बचाने के लिए यूपी सरकार ने तीन साल पहले वीमेन पॉवर हेल्पलाइन 1090 की शुरुआत की थी।

-जिससे प्रदेश भर की महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करवाती हैं।

-बढ़ते कॉल्स और लिमिटेड फोन लाइन्स की वजह से लोगों के फोन इंगेज जाने लगे।

-जिससे निपटने के लिए फोन लाइन्स की संख्या 60 से बढ़ाकर 120 करने का प्रस्ताव हुआ।

-इसके लिए पुलिस से महिला कांस्टेबल को डेपुटेशन पर लाने के बजाए सरकार ने यूपीडेस्को से संविदा पर कॉलटेकर्स को आउटसोर्स किया।

1090 प्रभारी ने कहा कि- एक बार भी लकड़ियों ने हमें नहीं बताया

इस बारे में जब 1090 प्रभारी आईजी नवनीत सिकेरा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं और हमारे कई गजटेड ऑफिसर्स कई घंटे मुख्यालय में रोज बैठते हैं, लेकिन हड़ताल करने वाली किसी भी कॉलटेकर्स ने अपनी समस्या के बारे में हमें नहीं बताया और सीधे काम करने से मना करते हुए हड़ताल और हंगामा किया।

अगर वे अपनी बातें हमसे बतातीं तो कानून और मानवीयता के दायरे में हमसे जो भी बनाता वह करने की कोशिश की जाती, लेकिन बिना बताए कॉलटेकर्स ने काम करने से मना कर दिया। जबकि किसी भी इमरजेंसी सेवा में काम करने वाले कर्मचारी इस तरह से कार्य का बहिष्कार नही कर सकते हैं।

हमें अपने लोगो की छुट्टी खत्म कर इमरजेंसी में बुलाना पड़ा

-1090 प्रभारी नवनीत सिकेरा ने बताया कि जब कॉल टेकर्स ने काम करना बंद कर दिया तो हमें हमारे स्थायी कर्मचारियों को तत्काल बुलाना पड़ा।

-जिससे सभी फोन लाइन्स और आने वाली कॉल्स रिसीव हो सके।

-आईजी नवनीत सिकेरा ने कहा कि हमें इसके लिए अपने नियमित कॉल्सटेकर्स से ओवर टाइम काम भी लेना पड़ा।

-आईजी ने कहा कि इस बात का कोई रिकॉर्ड नहीं है कि कितने लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, लेकिन जल्द ही हमने उसे रिकवर करने की कोशिश की।

-आईजी ने बताया कि हड़ताल करने वाली लड़कियों की समस्या भी हल हो गई हैं।

यूपीडेस्को को भेजेंगे नोटिस

-1090 प्रभारी ने कहा कि हमें ये कॉलटेकर यूपीडेस्को ने उपलब्ध करवाए थे।

-लेकिन इमरजेंसी सेवा में लगे इन संविदा कर्मचारियों ने बिना बताए कार्य बहिष्कार किया है।

-जो सेवा शर्तों के विपरीत हैं। इससे हमारा काम प्रभावित हुआ हैं।

-हम इनके नियोक्ता यूपीडेस्को को नोटिस भेजेंगे।

लड़कियों ने कहा वीमेन पॉवर लाइन के अधिकारी हमें नही देते जवाब

-धरना कर रही लड़कियों का कहना है कि संविदा पर नियुक्त हम सभी कर्मचारियों की समस्याओं को कोई नहीं सुनता हैं।

-ज्यादातर अधिकारी हमारी शिकायतों को अनसुना कर देते हैं।

-उनके मुताबिक यह व्यवहार आईजी सर तक करते हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज ...

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