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योगी आदित्यनाथ बोले-अगला महीना काफी चुनौतपूर्ण, अभी से तैयारी कर लें

Yogi Government: सीएम योगी सरकार अगले महीने से कई कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इनमें व्रक्षारोपण, स्कूल चलो और संचारी रोग अभियान भी शामिल हैं।

Shreedhar Agnihotri
Updated on: 23 Jun 2022 10:06 AM GMT
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सीएम योगी आदित्यनाथ (Social media)

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अगले महीने जुलाई में राज्य सरकार कई कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इनमे व्रक्षारोपण, स्कूल चलो और संचारी रोग अभियान शामिल हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी बैठक कर तैयारियां करने को कहा है। इन कार्यक्रमों में सरकार के मंत्रियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण की भारतीय संस्कृति की भावना के साथ वृक्षारोपण महाभियान को जनांदोलन बनाने की आवश्यकता है। अगले माह के पहले सप्ताह में वृहद वृक्षारोपण का कार्यक्रम होना है।

सरकारी प्रयास के साथ-साथ जनसहभागिता भी महत्वपूर्ण

इसके साथ ही इस वर्ष एक जुलाई से इसका नवीन चरण प्रारंभ हो रहा है। अभियान को प्रभावी बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकारी प्रयास के साथ-साथ जनसहभागिता भी महत्वपूर्ण है। डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, पाथ जैसी संस्थाओं का सहयोग लिया जाना चाहिए। यह बाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ एक बैठक में कहीं। उन्होंने कहा कि

विगत वर्षों के अनुभव बताते हैं कि लखनऊ, फिरोजाबाद, मथुरा, आगरा, बरेली, पीलीभीत और कानपुर नगर जनपद डेंगू से प्रभावित रहे हैं, जबकि बरेली, सोनभद्र, बदायूं और मिर्जापुर में मलेरिया का असर रहा है। सिद्धार्थनगर, भदोही, मिर्जापुर, गौतमबुद्ध नगर और लखनऊ में दस्त, हैजा आदि जलजनित रोग और बाराबंकी, बलिया, वाराणसी, फतेहपुर और लखनऊ में चिकेनपॉक्स के मरीज मिलते रहे हैं। इसी प्रकार फिरोजाबाद, मथुरा, ललितपुर, झांसी और गोरखपुर मंडल के जिलों ने स्क्रब टाइफस तथा लेप्टोस्पायरोसिस का प्रभाव देखा गया है।

4 दशक तक कहर बनी रही बीमारी पर 5 वर्ष में नियंत्रण पाया

योगी ने कहा कि इसके पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में इंसेफेलाइटिस से हजारों बच्चों की मौत होती थी। 50 हजार बच्चों की मौत हुई। 2017 में हमने अंतर्विभागीय समिति बनाई, सभी विभागों ने मिलकर काम किया। अस्पताल बनवाये, पीकू बनवाये, चिकित्सक तैनात किये। साथ साथ पीने के साफ पानी और शौचालय की व्यवस्था भी कराई। नतीजा आज इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में 95 प्रतिशत की कमी आ गई है। 04 दशक तक कहर बनी रही बीमारी पर हमने 05 वर्ष में नियंत्रण पा लिया। नियंत्रण के बाद अब हमारा अगला लक्ष्य उन्मूलन है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बस्ती-गोरखपुर मंडल के 38 जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस का प्रभाव रहा है, इनमें से 18 जिले हाई रिस्क वाले हैं। यद्यपि बीते 05 वर्ष में जेई से असमय मृत्यु पर 95 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है, किंतु हमें सावधान रहना होगा। आज यहां ब्लॉक स्तर पर इंसेफेलाइटिस केयर सेंटर है, पीकू बेड्स हैं। ट्रेंड चिकित्साकर्मी हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू के सफल संचालन के लिए जिलों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्टाफ नर्सेज को तथा ए.ई.एस. और जे.ई. प्रयोगशालाओं में टेक्नीशियन की संख्या पर्याप्त हो और सभी प्रशिक्षित हों।

अभियान के दौरान सरकार के मंत्री जिलों में उपस्थित होंगे

उन्होंने कहा कि संचारी रोग अभियान की सफलता के लिए अंतर्विभागीय समन्वय महत्वपूर्ण आधार है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन, ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला बाल विकास, कृषि, बेसिक माध्यमिक शिक्षा द्वारा अंतर्विभागीय समन्वय के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सरकार के मंत्री जिलों में उपस्थित होंगे। इसके अलावा नोडल अधिकारियों की सहभागिता भी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा किहाल के परिणाम बताते हैं कि प्रदेश में मलेरिया और कालाजार रोग समाप्ति की ओर है। प्रति 1,000 की जनसंख्या पर एक से भी कम लोगों में मलेरिया की समस्या देखी गई, जबकि कालाजार रोग 22 चिन्हित ब्लॉक में हर 10,000 की आबादी में एक से कम लोगों में ही देखा गया है। यह बड़ी उपलब्धि है। टीम यूपी को बधाई। बहुत जल्द हमारा प्रदेश कालाजार मुक्त हो जाएगा और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण भी हो जाएगा। आशा, संगिनी, आंगनबाड़ी के साथ-साथ ग्राम प्रधानों को भी प्रशिक्षण दिया जाए।

स्वच्छता की आदत अनेक बीमारियों से बचाव का सहज माध्यम

योगी ने कहा कि सघन वेक्टर सर्विलांस जरूरी है। रोगियों तथा लक्षणयुक्त व्यक्तियों की त्वरित जांच तथा आइसोलेशन की समुचित व्यवस्था की जाए। आशा कार्यकर्त्रियों मलेरिया जांच के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि रोगियों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता रहे। एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखा जाए।

उन्होंने कहा किसभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया जाए। तथा कम्युनिटी हेल्थ सर्विसेज को त्वरित आउटब्रेक रिस्पॉन्स के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। फ्रंट लाइन वर्कर्स द्वारा उपलब्ध कराई गई क्षय रोग लक्षण युक्त व्यक्तियों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई आए।

स्कूल चलो अभियान को प्रभावी बनाएं

स्वच्छता की आदत अनेक बीमारियों से बचाव का सहज माध्यम है। स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जाए। इस बाबत स्कूलों में वाद-विवाद, निबंध, पर्यावरणीय स्वच्छता, प्रश्नोत्तरी आदि विषयक प्रतियोगिता कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरसात को देखते हुए नालों की सफाई करा ली जाए। सिल्ट जमा न हो, ताकि बारिश में जलभराव न हो। मलिन बस्तियों में साफ-सफाई की अत्यधिक आवश्यकता है। यहां नियमित फॉगिंग भी कराई जाए। सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के लिए ठोस प्रयास करें।

योगी ने कहा किशुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो। लोगों के सामने क्लोरीनेशन डेमो दिया जाए। पानी उबाल कर छान कर पीने की जानकारी दें। क्लोरीन की गोलियां वितरित की जाएं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्कूल चलो अभियान को प्रभावी बनाएं। एक भी घर न छूटे, हर घर पहुंचें। बच्चों का दाखिला कराएं। यह सुनिश्चित कराएं की यूनिफॉर्म की धनराशि से वह गणवेश खरीद सकें। हर बच्चा गणवेश में ही विद्यालय आए।

Ragini Sinha

Ragini Sinha

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