योगी ने बताया मेदांता से हैं उनके पुराने रिश्ते, स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मेदांता अस्पताल के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि लखनऊ में एसजीपीजीआई और केजीएमयू जैसे संस्थान पहले से ही हैं लेकिन मेदांता ने यहां आकर स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने की जो आवश्यकता थी उसको पूरा कर दिया है।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेदांता एक ब्रांड बनेगा। इसके आने से स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और यह क्षेत्र नई बुलंदिया हासिल करेगा। सुपर स्पेशलिटी की सुविधा मिले यह हमारे लिए अब भी चुनौती थी। मेदांता जैसे विश्व स्तरीय चिकित्सालय के आने से यह चुनौती काफी हद तक दूर हो गई। मेदांता में न केवल जटिल से जटिल रोगों का बेहतरीन इलाज मिलेगा बल्कि इसमें 6 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

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मेदांता स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ायेगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मेदांता अस्पताल के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि लखनऊ में एसजीपीजीआई और केजीएमयू जैसे संस्थान पहले से ही हैं लेकिन मेदांता ने यहां आकर स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने की जो आवश्यकता थी उसको पूरा कर दिया है। इस तरह की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हर क्षेत्र के लिए बेहतर होती है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के साथ ही प्रदेश से सटे बिहार औऱ नेपाल के लोग भी यहां आकर इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। मेदांता जैसे स्वास्थ्य संस्थान के डॉक्टरों ने देश के अंदर चिकित्सा का एक मानक तय किया है।

पूज्य गुरूदेव महंत अवेद्यनाथ जी का इलाज मेदांता में ही हुआ

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मुख्यमंत्री योगी ने मेदांता से अपने पुराने रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेरे पूज्य गुरूदेव महंत अवेद्यनाथ जी का इलाज इसी अस्पताल से हुआ करता था। 96 साल की उम्र में उनका देहावसान हुआ था लेकिन आखिर वक्त तक उनका विश्वास मेदांता के प्रति कायम था। उम्मीद है कि अपनी सेवाओं से मेदांता और लोगों में भी यही भरोसा जगा सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले देश में एक एम्स हुआ करता था। इस वर्ष देश में 6 नए एम्स में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। उत्तर प्रदेश के अंदर 1947 से लेकर 2016 तक कुछ 12 मेडिकल कॉलेज बने थे। आज 2016 से लेकर 2019 के बीच में 15 मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं।

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जिसमे 7 मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। वहीं आने वाले समय में 14 नए मडेकिल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।