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प्रकृति का कहर! भारत के अलावा इस देश में आया अब तक का सबसे 'खतरनाक तूफान', आपातकाल की स्थिति घोषित
Weather Alert Today: जमैका में कैटेगरी 5 तूफान 'हैरिकेन मेलिसा' ने भारी तबाही मचा दी है। 280 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हवाओं और मूसलाधार बारिश से सैकड़ों घर तबाह हो गए हैं। यहां तक की देश में आपातकाल की स्थिति घोषित की गई है।
Weather Alert Today: भारत में मोंथा तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी है। इस बीच एक और देश है, जो इस वक्त अपनी सबसे बड़ी त्रासदी झेल रहा है। यह देश जमैका है, जो दुनिया की सबसे प्रीमियम कॉफी के लिए मशहूर है। धरती पर इस साल का सबसे ताकतवर तूफान हैरिकेन मेलिसा ने जमैका को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश और समुद्र में उठती विशाल लहरें इस सुंदर द्वीप को तबाह कर रही हैं। इस तूफान से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घर मलबे में बदल गए हैं।
280 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा कहर
अमेरिकी मौसम विभाग ने मेलिसा को कैटेगरी 5 का तूफान घोषित किया है यानी सबसे खतरनाक स्तर का। फिलहाल यह किंग्सटन से करीब 150 मील दक्षिण-पश्चिम में घूम रहा है और इसकी रफ्तार 175 मील प्रति घंटा (लगभग 282 किमी/घंटा) तक पहुंच चुकी है। सेटेलाइट तस्वीरों में यह तूफान बज-सॉ स्ट्रक्चर यानी एक परफेक्ट सर्पिल आकार में दिख रहा है। बीच में साफ आंख और चारों ओर घूमते बादल। वैज्ञानिकों का कहना है कि मेलिसा की ताकत कुछ ही घंटों में कई गुना बढ़ गई, जो इसे इस साल का सबसे भयंकर तूफान बना रही है।
हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक में भी तबाही
जमैका से पहले हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक में भी मेलिसा ने अपना तांडव दिखाया, जहां चार लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों घरों में बिजली ठप है, सड़कें पानी में डूबी हैं और पेड़ उखड़कर रास्ते बंद कर चुके हैं। जमैका सरकार ने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है और लोगों से कहा है कि वे घरों से बाहर न निकलें। देश के दक्षिणी और तटीय इलाकों में अनिवार्य निकासी आदेश जारी किए गए हैं।
भारी बारिश और बाढ़ का बड़ा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में 40 इंच तक बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 13 फीट तक के ज्वारीय तूफान और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है। सरकार ने 800 से ज़्यादा शेल्टर बनाए हैं, जिनमें अब तक लगभग 1,000 लोग शरण ले चुके हैं। राहत टीमों को लगातार बचाव कार्यों में लगाया गया है, लेकिन तेज हवाएं रेस्क्यू मिशन में बड़ी रुकावट बन रही हैं।
जलवायु परिवर्तन से बढ़ी मेलिसा की ताकत
विशेषज्ञों का कहना है कि कैरेबियन सागर का असामान्य रूप से गर्म तापमान इस तूफान का असली ईंधन बन गया है। तापमान 2.5°F ज्यादा होने के कारण समुद्र की सतह से अधिक नमी उठ रही है, जिसने मेलिसा को रफ्तार और ताकत दोनों दीं। क्लाइमेट सेंट्रल की रिपोर्ट के अनुसार, अब इस तरह के सुपर तूफानों की संभावना 500 से 800 गुना तक बढ़ गई है। वैज्ञानिकों ने इसे “क्लाइमेट क्राइसिस की चेतावनी” बताया है, जिससे पूरी कैरेबियन बेल्ट खतरे में है।
कॉफी की खुशबू में अब समाई डर की हवा
जमैका, जो अपनी ब्लू माउंटेन कॉफी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, अब विनाश के बीच अपनी पहचान बचाने की जद्दोजहद में है। कॉफी किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और बारिश ने खेती को बर्बाद कर दिया है। ब्लू माउंटेन इलाकों में स्थित कॉफी प्लांटेशन पूरी तरह जलमग्न हैं। जिस धरती से दुनिया की सबसे महंगी और सुगंधित कॉफी पैदा होती थी, वहीं अब सिर्फ मलबा, कीचड़ और सन्नाटा बचा है।


