गाजा में युद्ध खत्म! 67,000 मौतों के बाद हुआ युद्धविराम, जानिए बेंजामिन नेतन्याहू ने किन शर्तों पर मानी शांति

Gaza War: गाजा में युद्ध खत्म! 67,000 मौतों के बाद इज़रायली कैबिनेट ने युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की योजना को मंज़ूरी दी। जानें बेंजामिन नेतन्याहू ने किन शर्तों पर मानी शांति और क्या इस योजना से स्थायी शांति संभव हो सकेगी।

Harsh Sharma
Published on: 10 Oct 2025 7:55 AM IST (Updated on: 10 Oct 2025 7:56 AM IST)
गाजा में युद्ध खत्म! 67,000 मौतों के बाद हुआ युद्धविराम, जानिए बेंजामिन नेतन्याहू ने किन शर्तों पर मानी शांति
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Gaza War: इज़रायल की कैबिनेट ने शुक्रवार तड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश की गई गाजा पट्टी में युद्धविराम और सभी शेष बंधकों की रिहाई की योजना को मंज़ूरी दे दी है। यह फैसला मिडिल ईस्ट में दो साल से चल रहे इस गंभीर संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि "कैबिनेट ने बंधकों की रिहाई के लिए समझौते की 'रूपरेखा' को मंज़ूरी दे दी है।" हालांकि, इस योजना के अन्य विवादित पहलुओं, जैसे कि हमास का निरस्त्रीकरण कैसे होगा और गाजा में शासन किसके हाथ में होगा, इनका ज़िक्र अभी नहीं किया गया है। हजारों फ़िलिस्तीनियों की जान लेने वाले इस युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों पक्ष तैयार दिख रहे हैं। इज़रायली हवाई हमलों ने गाजा के अधिकांश हिस्सों को मलबे में बदल दिया है और इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अकाल जैसी स्थिति बन गई है।

कैबिनेट के मतदान से पहले भी जारी रहे हमले

इज़रायली कैबिनेट के मतदान से ठीक पहले भी गाजा में इज़रायल के हमले जारी रहे। फ़िलिस्तीनी नागरिक सुरक्षा के अनुसार, गुरुवार को उत्तरी गाजा में कई धमाके हुए। गाजा शहर में एक इमारत पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज़्यादा लोग मलबे में दब गए थे।

7 अक्टूबर के बाद का विनाश

यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को इज़रायल पर हमास के हमले के बाद शुरू हुआ, जिसने न केवल गाजा बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया। इस युद्ध ने दुनिया भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है, और इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर नरसंहार के आरोप भी लगे हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इज़रायली हमलों में अब तक 67,000 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं, और करीब 170,000 लोग घायल हुए हैं। दुखद रूप से, मरने वालों में आधे से ज़्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है। इस मंज़ूरी के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि युद्धविराम योजना को ज़मीन पर कैसे उतारा जाता है और क्या यह योजना क्षेत्र में स्थायी शांति ला पाएगी।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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