'गाजा खाली करदो...' इजरायल की चेतवानी पर WHO ने दिया मुहतोड़ जवाब, कहा- 'हम यहीं रहेंगे'

इजरायल की गाजा खाली करने की चेतावनी पर WHO ने बड़ा फैसला लिया। WHO ने कहा कि उसके कर्मचारी गाजा में रहेंगे और नागरिकों की मदद करेंगे। जानें पूरी खबर।

Harsh Srivastava
Published on: 11 Sept 2025 3:58 PM IST
गाजा खाली करदो... इजरायल की चेतवानी पर WHO ने दिया मुहतोड़ जवाब, कहा- हम यहीं रहेंगे
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Israel-Gaza war update: गाजा पट्टी में इजरायली सेना के हमले लगातार तेज हो रहे हैं और इजरायल ने गाजा शहर पर कब्जा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एक तरफ जहां इजरायली सेना नागरिकों को तुरंत क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दे रही है वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बड़ा और साहसी फैसला लिया है। WHO ने घोषणा की है कि उसके कर्मचारी गाजा शहर में ही रहेंगे ताकि नागरिकों की मदद की जा सके। यह फैसला न सिर्फ एक बड़ा मानवीय कदम है बल्कि यह भी दिखाता है कि गाजा में हालात कितने नाजुक हो चुके हैं।

गाजा शहर पर कब्जा, खतरनाक चेतावनी

इजरायली सेना ने मंगलवार को गाजा शहर में बड़े हमले से पहले नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने का आदेश दिया। इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने चेतावनी दी कि शहर में रहना अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने नागरिकों को दक्षिण में अल-मवासी की ओर जाने को कहा जिसे इजरायल ने मानवीय क्षेत्र घोषित किया है। यह आदेश हमास द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत शुरू करने की घोषणा के ठीक एक दिन बाद आया।गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार हाल के इजरायली हमलों में 67 लोग मारे गए हैं और 320 घायल हुए हैं। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इजरायली बलों ने 10 से अधिक बहुमंजिला इमारतों को नष्ट किया है जिन पर हमास ने इजरायली सैनिकों की निगरानी के लिए कैमरे लगवाए थे।

'यह तबाही मानव निर्मित है' - WHO की अपील

WHO के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि गाजा पट्टी में बचे आधे से ज्यादा काम कर रहे अस्पताल गाजा शहर में ही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली इन शेष सुविधाओं में से किसी को भी खोने का जोखिम नहीं उठा सकती। घेब्रेयसस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 'कार्रवाई' करने की अपील की और कहा कि "यह तबाही मानव निर्मित है जिसकी जिम्मेदारी हम सभी पर है।" संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गाजा शहर और इसके आसपास लगभग दस लाख फिलिस्तीनी रहते हैं। WHO का गाजा शहर में बने रहने का फैसला इन नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत है जो न सिर्फ चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा बल्कि एक उम्मीद भी देगा।

अक्टूबर 2023 से चल रहा संघर्ष

इजरायल अक्टूबर 2023 से गाजा में हमास के खिलाफ अभियान चला रहा है। हमास द्वारा संचालित गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इजरायल के जवाबी हमलों में 64000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इजरायल का कहना है कि यह हमला 7 अक्टूबर 2023 के हमले का जवाब है जिसमें हमास ने सैकड़ों इजरायली नागरिकों को मारा था। गाजा पर कब्जे की कोशिश और WHO के वहां डटे रहने का फैसला यह दिखाता है कि यह युद्ध अब सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि एक बड़ा मानवीय संकट भी बन गया है। अब सभी की निगाहें अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर हैं कि क्या वे इस तबाही को रोकने के लिए कोई कदम उठाएंगे।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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