ट्रंप ने गिनाए '10 दिन, रूस का फूटा गुस्सा, मेदवेदेव ने दी सीधी धमकी - 'तैयार रहो अमेरिका!

Russia vs USA conflict: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस को दिए गए 10 दिन के अल्टीमेटम पर रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेदवेदेव भड़क उठे। सोशल मीडिया पर सीधी चेतावनी देते हुए कहा – अगला युद्ध रूस-यूक्रेन नहीं, बल्कि अमेरिका और रूस के बीच होगा।

Harsh Srivastava
Published on: 29 July 2025 3:18 PM IST
ट्रंप ने गिनाए 10 दिन, रूस का फूटा गुस्सा, मेदवेदेव ने दी सीधी धमकी - तैयार रहो अमेरिका!
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Russia vs USA conflict: दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने ऐसी लताड़ लगाई है कि पूरी वैश्विक राजनीति हिल गई है। मेदवेदेव ने सीधे धमकी दे दी है कि ट्रंप जिस तरह बार-बार अल्टीमेटम दे रहे हैं, वह युद्ध की दावत है और वो भी रूस-यूक्रेन से नहीं, बल्कि अमेरिका और रूस के बीच। ट्रंप की स्कॉटलैंड यात्रा के दौरान दिया गया बयान अब अमेरिका के लिए बूमरैंग बनता दिख रहा है। उन्होंने रूस को महज़ 10 से 12 दिनों का समय देते हुए खुलेआम चेतावनी दी थी कि अगर यूक्रेन युद्ध में कोई प्रगति नहीं हुई, तो रूस और उसके व्यापारिक साझेदारों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। लेकिन इस बार ट्रंप को मिला जवाब बेहद भड़काऊ, सख्त और सीधे धमकी जैसा है और वो भी रूसी अंदाज में।

“रूस कोई ईरान या इज़राइल नहीं है” - मेदवेदेव

मेदवेदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आग उगलते हुए ट्रंप को लताड़ा और कहा, “हर नया अल्टीमेटम, एक नया खतरा है। और ये सीधा युद्ध की तरफ ले जाता है।” उन्होंने आगे लिखा, “ये जंग रूस-यूक्रेन से नहीं होगी, ट्रंप ये जंग तुम्हारे ही देश, अमेरिका से होगी।” मेदवेदेव यहीं नहीं रुके। उन्होंने ट्रंप को दो बातें याद दिलाईं एक, कि रूस कोई मिडल ईस्ट का मुल्क नहीं है, और दूसरी, कि अमेरिका अगर आग से खेलेगा तो जलने वाला पहला देश वही होगा। ट्रंप को उन्होंने "स्लीपी जो" की राह पर न चलने की सलाह दी और ज़ाहिर कर दिया कि रूस अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।

ट्रंप का '10 दिन वाला अल्टीमेटम' बना तकरार की जड़

ट्रंप ने हाल ही में यूरोप दौरे के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस को यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए सिर्फ 10-12 दिन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “इंतज़ार करने का अब कोई मतलब नहीं हमें कोई प्रगति नहीं दिख रही।” ध्यान देने वाली बात ये है कि कुछ सप्ताह पहले ट्रंप ने रूस को 50 दिनों की मोहलत दी थी, जिसे अब घटाकर सिर्फ 10 दिन कर दिया गया है। यह ट्रंप का यूक्रेन युद्ध को लेकर अब तक का सबसे आक्रामक रुख है। लेकिन ये सख्ती अब उन्हें और अमेरिका को भारी पड़ सकती है। क्योंकि क्रेमलिन से तो जवाब नहीं आया, लेकिन मेदवेदेव ने जो बोला, वो कहीं ज़्यादा भयानक है।

क्या ट्रंप की जुबान ने खोल दिया 'तीसरे विश्व युद्ध' का रास्ता?

रूसी नेताओं की भाषा में जब ‘सीधा युद्ध’ और ‘अमेरिका से लड़ाई’ जैसे शब्द आने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। मेदवेदेव ने साफ कर दिया है कि अगर ट्रंप जैसा कोई नेता रूस को आदेश देने की कोशिश करेगा, तो इसका अंजाम ‘सिर्फ कूटनीति में नहीं, जंग के मैदान में’ भी दिया जाएगा। दुनिया अभी रूस-यूक्रेन की तबाही से ही नहीं उबर पाई है और अगर अमेरिका और रूस जैसी दो महाशक्तियां आमने-सामने आ गईं, तो फिर यह इतिहास का सबसे विनाशकारी टकराव होगा।

क्या बाइडन-व्हाइट हाउस लेगा कोई एक्शन?

इस बयान के बाद अब सबकी निगाहें बाइडन प्रशासन पर टिकी हैं। क्या अमेरिका इस धमकी को गंभीरता से लेगा? क्या ट्रंप पर कोई लगाम लगेगी या यह बयानबाजी और भड़काऊ भाषा आगे जाकर दोनों देशों को खाई में धकेल देगी? इस समय पूरी दुनिया थमी हुई सांसों के साथ देख रही है कहीं ट्रंप की जुबान, तीसरे विश्व युद्ध की पटकथा तो नहीं लिख रही?।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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