Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में सबसे बड़ा यू-टर्न! प्रदर्शनकारियों-परिजनों पर भी एफआईआर

Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

Update:2026-06-20 14:14 IST

Bharat Bhushan Tiwari Encounter

Bharat Bhushan Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस इसे मुठभेड़ में हुई कार्रवाई बता रही है, जबकि परिजन और ग्रामीण इसे फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच पुलिस ने पूरे घटनाक्रम से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब एफआईआर में मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपी बनाया गया। इससे गांव और आसपास के क्षेत्रों में बहस और तेज हो गई है।

सोशल मीडिया गतिविधियां बनीं चर्चा का केंद्र

भरत तिवारी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय बताया जाता था। वह अक्सर फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी बातें लोगों तक पहुंचाता था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रशासन और व्यवस्था के खिलाफ कई वीडियो पोस्ट किए गए थे, जिनकी चर्चा अब फिर से हो रही है। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में उसने हथियार के साथ कई वीडियो साझा किए थे। कुछ वीडियो में वह पुलिसकर्मियों से बहस करते और तीखी भाषा का इस्तेमाल करते भी दिखाई दिया था। घटना वाले दिन भी उसने लगातार कई फेसबुक लाइव किए, जिनमें वह मौके की स्थिति और पुलिस कार्रवाई को दिखाता नजर आया।

आखिरी फेसबुक लाइव बना बहस का विषय

सबसे ज्यादा चर्चा भरत तिवारी के अंतिम फेसबुक लाइव को लेकर हो रही है। वायरल वीडियो में वह पुलिस से घिरा हुआ दिखाई देता है। वीडियो के अंतिम हिस्से में वह कथित तौर पर अपना पिस्टल जमीन पर फेंकता नजर आता है, जिसके बाद लाइव प्रसारण बंद हो जाता है।परिजनों का दावा है कि हथियार छोड़ने के बाद भी उसे गोली मारी गई, जबकि पुलिस का कहना है कि भरत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई।

पिता और भाई भी बने आरोपी

पुलिस द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकी में भरत तिवारी पर अवैध हथियार रखने, पुलिस पर फायरिंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान उसने कई राउंड फायरिंग की थी। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसके पिता और भाई को कथित रूप से हथियारों की जानकारी थी और वे उसे संरक्षण दे रहे थे। इसी आधार पर दोनों को भी मामले में नामजद किया गया है।

सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन पर भी कार्रवाई

भरत तिवारी की मौत के बाद गांव में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने आरा-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) जाम कर दिया था। कई घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने इस मामले में भी अलग प्राथमिकी दर्ज की है। सड़क जाम, हंगामा और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के आरोप में बिलौटी पंचायत के मुखिया सहित कई लोगों को नामजद किया गया है, जबकि दर्जनों अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

निष्पक्ष जांच की उठी मांग

घटना के विरोध में आरा शहर में कैंडल मार्च भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस और परिजनों के दावों के बीच यह मामला संवेदनशील बना हुआ है। अब सभी की निगाहें जांच की दिशा और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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