कानून मंत्री बनने से पहले बाबा साहब अंबेडकर के विचारों पर गहरी सोच: किरेन रिजिजू

मैं एक ऐसे क्षेत्र से आता हूं, जहां पहले हवाई जहाज देखे और फिर कारें, क्योंकि सांसद बनने के बाद ही सड़कें बनीं। जब प्रधानमंत्री ने मुझे वह स्थान दिया, जहां बाबा साहब अंबेडकर बैठे थे, तो मुझे उनके दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिला। कानून मंत्री बनने से पहले मैंने सबसे पहले यह समझने की कोशिश की कि बाबा साहब अंबेडकर क्या चाहते थे और उनके मन में कौन से विचार थे जिन्हें वे पूरा नहीं कर पाए। एक अहम सवाल जो मेरे दिमाग में आया, वह था कि बाबा साहब अंबेडकर ने कानून मंत्री का पद क्यों छोड़ा, इस पर कभी ज्यादा चर्चा नहीं होती। मैंने उनका वह पत्र पढ़ा, जो उन्होंने पंडित नेहरू को लिखा था। हमारा संविधान न सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा है, बल्कि सबसे सुंदर भी है।

Update: 2024-12-14 06:18 GMT

Linked news