नसीर हुसैन के नाम पर तीखी बहस, गृह मंत्री अमित शाह ने दिया स्पष्टीकरण
राधा मोहन दास अग्रवाल के संबोधन समाप्त होने के बाद, कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए कहा कि किसी भी सदस्य पर बिना पूर्व सूचना के मानहानिकारक या आपराधिक आरोप नहीं लगाए जा सकते। इस पर ट्रेजरी बेंच से एक मंत्री ने टिप्पणी की, जिस पर प्रमोद तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्या यही मंत्री का आचरण है? हम केवल चाहते हैं कि सदन में चर्चा शांतिपूर्वक हो।"
इसके बाद, गृह मंत्री अमित शाह अपनी सीट से खड़े हुए और स्पष्टीकरण दिया कि "माननीय सदस्य ने नसीर हुसैन पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। उन्होंने केवल इतना कहा कि जब नसीर हुसैन जीते, तब ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे। नारे नसीर हुसैन ने नहीं लगाए, उन पर कोई आरोप नहीं है।" इस पर नसीर हुसैन ने आपत्ति जताते हुए कहा, "मेरा नाम लिया गया है, लेकिन जब ये नारे लगे, तब वहां सिवाय एक पत्रकार के कोई और मौजूद नहीं था।"