Waqf Amendment Bill Live: वक्फ संशोधन बिल पर कांग्रेस का विरोध, खड़गे बोले- बिल संविधान के खिलाफ

Waqf Amendment Bill LIVE Updates: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पास हो गया है। विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 सांसदों ने वोट किया। आज वक्फ बिल राज्यसभा में पेश किया गया। विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं।;

Update:2025-04-03 10:57 IST

Waqf Amendment Bill Live

Waqf Amendment Bill Live: कल यानी बुधवार को लोकसभा में लोकसभा में लम्बी चर्चा के बाद रात में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पारित हो गया। इस बिल के पेश होते ही कल लोकसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिला था। आज ये बिल राज्यसभा में पारित होना है। आज राज्यसभा में भी हंगामे के आसार दिखाई दे रहे हैं। कल लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े थे जबकि विपक्ष में 232 वोट आये थे। अब लोगों की नजर आज राज्यसभा के ऊपर है। अगर ये बिल आज राज्यसभा से पारित हो जाता है तो इसे राष्ट्रपति के पास भेजा दिया जायेगा। 



Live Updates
2025-04-03 16:16 GMT

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वक्फ संशोधन बिल पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 1995 के कानून को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया था, लेकिन अब वही लोग इसे गलत बता रहे हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार नए क्लॉज जोड़कर लोगों को तबाह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित सदस्यों को हटाकर नामांकित लोगों को लाने का इरादा सही नहीं है। सरकार वक्फ बोर्ड की जमीनों को लैंडबैंक बनाकर बिजनेसमैन को देने की योजना बना रही है।

खड़गे ने बफे सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार पहले अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाएगी और बाकी लोगों के लिए कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर वक्फ संपत्तियों को अपने पक्ष में करेगा और न्याय नहीं मिलेगा। खड़गे ने कहा कि पहले वक्फ बोर्ड में सांसद और पूर्व जज के मुस्लिम होने की अनिवार्यता थी, जिसे अब हटा दिया गया है। उन्होंने तंज कसा कि "हिंदू मंदिरों में दलितों को जगह नहीं मिलती और अब वक्फ बोर्ड से मुस्लिमों को भी हटा दिया गया है।" उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि मुसलमानों को तंग करने से झगड़े का बीज पड़ेगा, जिसे अंततः सरकार को ही सुलझाना होगा। उन्होंने गृह मंत्री से अपील की कि इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं और सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान दें।

2025-04-03 15:35 GMT

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने वक्फ संशोधन बिल को संविधान विरोधी करार देते हुए सरकार पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “संविधान सभी को बराबरी का हक देता है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे के रखरखाव का अधिकार हर नागरिक को है, फिर वक्फ को लेकर असत्य क्यों फैलाया जा रहा है?”

उन्होंने सरकार पर वक्फ ट्रिब्यूनल को मजहबी खाप पंचायत की तरह पेश करने का आरोप लगाया और कहा, "सरकार ही उसमें जज नियुक्त करती है, फिर इसे विवादास्पद क्यों बनाया जा रहा है?" उन्होंने दिल्ली की 123 वक्फ संपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी सरकार ने इन्हें वक्फ बोर्ड को सौंपा था, लेकिन अब बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस को कोस रही है।

इमरान ने सरकार से सवाल किया, “जिस बिल को आप मुस्लिमों के हित में बता रहे हैं, उसे पास करवाने के लिए आपके पास लोकसभा में एक भी मुस्लिम सांसद क्यों नहीं है?” उन्होंने कहा, “वक्फ की जमीनें भी इसी देश की हैं। हमारी इबादतगाहें मत छीनिए, कम से कम हमारी कब्रों में तो हमें सुकून से सोने दीजिए।”

उन्होंने गुजरात दंगों, बिल्किस बानो केस और CAA का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला और कहा, “जब जंगल में आग लगती है, तो न बरगद बचते हैं, न बांस।” इमरान ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम समुदाय को नीचा दिखाने और अपने वोटर बेस को खुश करने के लिए यह बिल लाई है। उन्होंने कहा, “सबका साथ का नारा देते हैं, तो इसे निभाने की भी कोशिश करिए।”

2025-04-03 14:30 GMT

राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "प्रॉपर्टी मेरी है, चैरिटी में देना चाहता हूं, तो आप कौन होते हैं हस्तक्षेप करने वाले?" उन्होंने वक्फ सुधारों की आड़ में हिंदू धर्म में भी सुधार की जरूरत का मुद्दा उठाया। सिब्बल ने कहा कि तमिलनाडु समेत कुछ स्थानों पर गड़बड़ियों की बात की जा रही है, लेकिन गड़बड़ियां तो सरकार में भी हैं। उन्होंने वक्फ और ट्रस्ट के बीच अंतर को समझाते हुए कहा कि ट्रस्ट की संपत्ति बेची जा सकती है, लेकिन वक्फ की नहीं।

इस पर किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि "वरिष्ठ सदस्य अपनी बात कहकर चले जाते हैं, लेकिन जब हम जवाब देंगे, तब ये रहेंगे नहीं।" उन्होंने सिब्बल से सवाल किया कि क्या मुस्लिम समुदाय के लिए अलग मंत्रालय होना चाहिए? सभापति जगदीप धनखड़ ने चर्चा को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए कहा, "कपिल जी, आपने तो एक झटका दिया है, लेकिन अभिषेक मनु सिंघवी कई झटके देकर चले गए!" सिब्बल ने अपनी बात को मजबूती से रखते हुए कहा कि "सेल्फ अक्वायर्ड प्रॉपर्टी में मालिक को अधिकार होता है कि वह इसे बेटे को दे, बेटी को दे या किसी और को – यही देश का कानून है।"

2025-04-03 13:59 GMT

समाजवादी पार्टी के सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने वक्फ बिल को विवादास्पद बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस बिल पर देर रात तक चर्चा चली और पारित किया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और अन्य वक्ताओं के भाषणों की तारीफ करते हुए तंज कसा कि जब संसद में ही भ्रम की स्थिति हो तो आम जनता में भी असमंजस रहेगा।

रामगोपाल यादव ने सरकार से अपील की कि सत्तापक्ष को उदारता दिखानी चाहिए, क्योंकि असली फैसले उन्हीं के हाथ में हैं। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। संविधान के खिलाफ है वक्फ बिल रामगोपाल यादव ने अनुच्छेद 13 और 26 का दिया हवाला

उन्होंने तुष्टिकरण के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता अतीत के फैसलों के आधार पर सरकार को परखती है। उन्होंने सवाल उठाया कि दस साल तक सरकार को वक्फ संपत्ति की याद नहीं आई, लेकिन जब सारी संपत्तियां बेची जा चुकीं, तब इस मुद्दे पर ध्यान दिया गया।

रामगोपाल यादव ने चिंता जताई कि भारत धीरे-धीरे लोकतांत्रिक राज्य से अधिनायकवादी राज्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यूपी में नमाज पर पाबंदियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे माहौल में सरकार की मंशा पर संदेह बना रहेगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 13 और 26 का हवाला देते हुए कहा कि यह बिल असंवैधानिक है। अंत में, उन्होंने सरकार को अहंकार छोड़ने और ईश्वर से डरने की नसीहत दी।

2025-04-03 13:35 GMT

राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने वक्फ बिल का समर्थन जताया। जनता दल (सेक्यूलर) के नेता देवगौड़ा ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक राजनीति में लंबा सफर तय किया है और उम्मीद है कि वक्फ संपत्तियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

2025-04-03 13:03 GMT

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वक्फ संपत्ति के सही रखरखाव और पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि इसमें होने वाली गड़बड़ियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर 70 साल तक किसने मुस्लिम समाज को भय के साये में रखा? उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत पहले ही ट्रिपल तलाक को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद इसे जारी रखने की क्या मजबूरी थी? कांग्रेस पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनाकर रखा गया, जबकि पीएम मोदी ने ट्रिपल तलाक खत्म कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने का काम किया।

जेपी नड्डा ने इराक, सीरिया और अन्य मुस्लिम देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ट्रिपल तलाक पहले ही समाप्त हो चुका था। भारत में इसे खत्म करने का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम बहनों को मुख्यधारा से दूर रखा। उन्होंने वक्फ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए बताया कि 1924 में तुर्की ने पूरी वक्फ संपत्ति को सरकारी नियंत्रण में ले लिया था।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 70 सालों में विकास की स्थिति सबने देखी है। हमारी सरकार बस नियमों को पारदर्शी बनाना चाहती है। 2013 में हमने वक्फ संशोधन का समर्थन किया था, लेकिन इसका दुरुपयोग किया गया। उन्होंने वक्फ कानून को संविधान की मूल भावना को चुनौती देने वाला बताते हुए कहा कि नागरिक सिविल कोर्ट में वक्फ से जुड़े फैसलों को चुनौती तक नहीं दे सकते, क्या यह 21वीं सदी में सही है? नड्डा ने वक्फ अधिनियम की हर धारा पर विस्तार से अपनी बात रखी और इसे ओवरपावरिंग कानून बताया।

2025-04-03 12:06 GMT

राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "आपको मुसलमानों के हित की इतनी चिंता क्यों हो रही है? इतनी चिंता तो बैरिस्टर मोहम्मद अली जिन्ना ने भी नहीं की थी। मंत्री जी को सुनकर ऐसा लगा जैसे जिन्ना की आत्मा कब्र से उठकर प्रवेश कर गई हो।"

राउत ने सरकार पर हिंदू राष्ट्र के नाम पर "हिंदू पाकिस्तान" बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस बिल का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है और इसे लाकर देश में तनाव और दंगे भड़काने की साजिश की जा रही है। उन्होंने सरकार को "व्यापारी" करार देते हुए कहा कि व्यापारी पहले मीठी-मीठी बातें करते हैं, फिर सबकुछ बेचकर भाग जाते हैं। उनका कहना था कि यह बिल देश के हित में नहीं है और इससे समाज में बंटवारा बढ़ेगा।

2025-04-03 11:44 GMT

राज्यसभा में वक्फ बिल पर बहस के दौरान आरजेडी सांसद मनोज झा ने देश में धार्मिक और सामाजिक विभाजन को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समावेशिता होनी चाहिए, न कि अलगाव। उन्होंने सवाल उठाया कि धार्मिक संपत्तियों का सर्वे तो हो रहा है, लेकिन गरीब किसानों की जमीन के कागज क्यों नहीं मिलते? उन्होंने जाति जनगणना की मांग भी दोहराई।

2025-04-03 10:41 GMT

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपनी बात की शुरुआत कवि उदय प्रताप की पंक्तियों से की—

"न तेरा है, न मेरा है, ये हिंदुस्तान सबका है।

जो आकर मिल गई इसमें वो नदियां दिखलाई नहीं देतीं, महासागर बनाने में योगदान सबका है।"

उन्होंने कहा कि बचपन से यही सुना है कि सरकार माई-बाप होती है, जो अपने सभी बच्चों का ख्याल रखती है। लेकिन सरकार अब गैर-संवैधानिक बिल लाकर लोगों के अधिकार छीन रही है। संजय सिंह ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "सरकार कह रही है कि मुसलमानों के भले के लिए ये कानून ला रहे हैं। जब मैं यह सुनता हूं, तो ऐसा लगता है जैसे कपिल शर्मा की कॉमेडी देख रहा हूं।" उन्होंने आरोप लगाया कि "आप मुसलमानों का भला करने की बात कर रहे हैं, लेकिन आपकी पार्टी में एक गुलाम अली को छोड़कर कोई भी मुस्लिम सांसद नहीं है। आपने शाहनवाज हुसैन और मुख्तार अब्बास नकवी की राजनीति खत्म कर दी। यह धार्मिक संपत्तियों को कब्जाने की साजिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि "इस बिल पर किसी को खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि नंबर सबका आएगा। आज वक्फ की संपत्तियां कब्जा करोगे, कल गुरुद्वारे, चर्च और मंदिरों की जमीनें भी अपने दोस्तों को दोगे।"

इसके बाद उन्होंने सीधे सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "आप राम मंदिर में घोटाला करने वाले लोग हैं। भगवान राम के मंदिर का चंदा खाते हो। चंदा चोरों, बैठ जाओ। तुम लोग चंदा चोर हो।" संजय सिंह की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। भूपेंद्र यादव ने उनकी बात पर पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया, जिससे सदन में और ज्यादा तनाव बढ़ गया।

2025-04-03 10:07 GMT

राधा मोहन दास अग्रवाल के संबोधन समाप्त होने के बाद, कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए कहा कि किसी भी सदस्य पर बिना पूर्व सूचना के मानहानिकारक या आपराधिक आरोप नहीं लगाए जा सकते। इस पर ट्रेजरी बेंच से एक मंत्री ने टिप्पणी की, जिस पर प्रमोद तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्या यही मंत्री का आचरण है? हम केवल चाहते हैं कि सदन में चर्चा शांतिपूर्वक हो।"

इसके बाद, गृह मंत्री अमित शाह अपनी सीट से खड़े हुए और स्पष्टीकरण दिया कि "माननीय सदस्य ने नसीर हुसैन पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। उन्होंने केवल इतना कहा कि जब नसीर हुसैन जीते, तब ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे। नारे नसीर हुसैन ने नहीं लगाए, उन पर कोई आरोप नहीं है।" इस पर नसीर हुसैन ने आपत्ति जताते हुए कहा, "मेरा नाम लिया गया है, लेकिन जब ये नारे लगे, तब वहां सिवाय एक पत्रकार के कोई और मौजूद नहीं था।"

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