मुसलमानों को निकालकर गैर-मुस्लिमों को डाल रहे हैं – खड़गे की सरकार पर तीखी टिप्पणी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वक्फ संशोधन बिल पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 1995 के कानून को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया था, लेकिन अब वही लोग इसे गलत बता रहे हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार नए क्लॉज जोड़कर लोगों को तबाह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित सदस्यों को हटाकर नामांकित लोगों को लाने का इरादा सही नहीं है। सरकार वक्फ बोर्ड की जमीनों को लैंडबैंक बनाकर बिजनेसमैन को देने की योजना बना रही है।
खड़गे ने बफे सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार पहले अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाएगी और बाकी लोगों के लिए कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर वक्फ संपत्तियों को अपने पक्ष में करेगा और न्याय नहीं मिलेगा। खड़गे ने कहा कि पहले वक्फ बोर्ड में सांसद और पूर्व जज के मुस्लिम होने की अनिवार्यता थी, जिसे अब हटा दिया गया है। उन्होंने तंज कसा कि "हिंदू मंदिरों में दलितों को जगह नहीं मिलती और अब वक्फ बोर्ड से मुस्लिमों को भी हटा दिया गया है।" उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि मुसलमानों को तंग करने से झगड़े का बीज पड़ेगा, जिसे अंततः सरकार को ही सुलझाना होगा। उन्होंने गृह मंत्री से अपील की कि इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं और सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान दें।