वक्फ संपत्ति कब्जे के मुद्दे पर राज्यसभा में संग्राम, संजय सिंह के आरोपों पर बवाल
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपनी बात की शुरुआत कवि उदय प्रताप की पंक्तियों से की—
"न तेरा है, न मेरा है, ये हिंदुस्तान सबका है।
जो आकर मिल गई इसमें वो नदियां दिखलाई नहीं देतीं, महासागर बनाने में योगदान सबका है।"
उन्होंने कहा कि बचपन से यही सुना है कि सरकार माई-बाप होती है, जो अपने सभी बच्चों का ख्याल रखती है। लेकिन सरकार अब गैर-संवैधानिक बिल लाकर लोगों के अधिकार छीन रही है। संजय सिंह ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "सरकार कह रही है कि मुसलमानों के भले के लिए ये कानून ला रहे हैं। जब मैं यह सुनता हूं, तो ऐसा लगता है जैसे कपिल शर्मा की कॉमेडी देख रहा हूं।" उन्होंने आरोप लगाया कि "आप मुसलमानों का भला करने की बात कर रहे हैं, लेकिन आपकी पार्टी में एक गुलाम अली को छोड़कर कोई भी मुस्लिम सांसद नहीं है। आपने शाहनवाज हुसैन और मुख्तार अब्बास नकवी की राजनीति खत्म कर दी। यह धार्मिक संपत्तियों को कब्जाने की साजिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि "इस बिल पर किसी को खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि नंबर सबका आएगा। आज वक्फ की संपत्तियां कब्जा करोगे, कल गुरुद्वारे, चर्च और मंदिरों की जमीनें भी अपने दोस्तों को दोगे।"
इसके बाद उन्होंने सीधे सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "आप राम मंदिर में घोटाला करने वाले लोग हैं। भगवान राम के मंदिर का चंदा खाते हो। चंदा चोरों, बैठ जाओ। तुम लोग चंदा चोर हो।" संजय सिंह की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। भूपेंद्र यादव ने उनकी बात पर पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया, जिससे सदन में और ज्यादा तनाव बढ़ गया।