कांग्रेस ने मुस्लिमों को डराकर रखा, ट्रिपल तलाक खत्म करने में देरी क्यों की: जेपी नड्डा

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वक्फ संपत्ति के सही रखरखाव और पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि इसमें होने वाली गड़बड़ियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर 70 साल तक किसने मुस्लिम समाज को भय के साये में रखा? उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत पहले ही ट्रिपल तलाक को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद इसे जारी रखने की क्या मजबूरी थी? कांग्रेस पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनाकर रखा गया, जबकि पीएम मोदी ने ट्रिपल तलाक खत्म कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने का काम किया।

जेपी नड्डा ने इराक, सीरिया और अन्य मुस्लिम देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ट्रिपल तलाक पहले ही समाप्त हो चुका था। भारत में इसे खत्म करने का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम बहनों को मुख्यधारा से दूर रखा। उन्होंने वक्फ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए बताया कि 1924 में तुर्की ने पूरी वक्फ संपत्ति को सरकारी नियंत्रण में ले लिया था।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 70 सालों में विकास की स्थिति सबने देखी है। हमारी सरकार बस नियमों को पारदर्शी बनाना चाहती है। 2013 में हमने वक्फ संशोधन का समर्थन किया था, लेकिन इसका दुरुपयोग किया गया। उन्होंने वक्फ कानून को संविधान की मूल भावना को चुनौती देने वाला बताते हुए कहा कि नागरिक सिविल कोर्ट में वक्फ से जुड़े फैसलों को चुनौती तक नहीं दे सकते, क्या यह 21वीं सदी में सही है? नड्डा ने वक्फ अधिनियम की हर धारा पर विस्तार से अपनी बात रखी और इसे ओवरपावरिंग कानून बताया।

Update: 2025-04-03 13:03 GMT

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