Waqf Properties in India: वक्फ के पास देश में कितनी जमीन, कहां है सबसे ज्यादा? जानिए पूरा हिसाब

Waqf Properties in India: भारत में वक्फ बोर्ड के पास 9.4 लाख एकड़ जमीन है, जिसमें 8.7 लाख संपत्तियां शामिल हैं। अनुमान के मुताबिक, इन संपत्तियों की कुल कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय रेलवे और सशस्त्र बलों के बाद वक्फ के पास देश में सबसे ज्यादा जमीन मानी जाती है।;

Update:2025-04-03 17:32 IST

Waqf Amendment Bill (Photo: Social Media)

Waqf Properties in India: राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2024 पर बहस जारी है, जिसे पहले ही लोकसभा से मंजूरी मिल चुकी है। यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लाया गया है। लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि देश में वक्फ के पास कितनी संपत्ति है और इसका सही उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा है?

भारत में वक्फ संपत्तियां

भारत में वक्फ बोर्ड के पास 9.4 लाख एकड़ जमीन है, जिसमें 8.7 लाख संपत्तियां शामिल हैं। अनुमान के मुताबिक, इन संपत्तियों की कुल कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय रेलवे और सशस्त्र बलों के बाद वक्फ के पास देश में सबसे ज्यादा जमीन मानी जाती है।

राज्यवार वक्फ संपत्तियां

• उत्तर प्रदेश – 27%

• पंजाब और पश्चिम बंगाल – 9%

• तमिलनाडु – 8%

• केरल, तेलंगाना, गुजरात – 5%

• कर्नाटक – 7%

सच्चर समिति की 2006 की रिपोर्ट के अनुसार, यदि वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग हो, तो हर साल 12,000 करोड़ रुपये तक की आय अर्जित की जा सकती है। लेकिन, वास्तविकता यह है कि इतनी विशाल संपत्ति होने के बावजूद, इनसे पर्याप्त आय नहीं हो रही है।

क्या है वक्फ संशोधन बिल 2024?

वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने के लिए 2024 का संशोधन बिल लाया गया है, जिसमें तीन प्रमुख बदलाव प्रस्तावित हैं:

1. वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिलाओं की नियुक्ति।

2. कलेक्टर को वक्फ संपत्तियों के सर्वे का अधिकार।

3. वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान।

सबसे बड़ा बदलाव: अब वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को जबरन 'वक्फ संपत्ति' घोषित नहीं कर सकेगा।

क्या होगा असर?

अगर यह बिल पास हो जाता है, तो वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और गैरकानूनी कब्जे रोके जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह न्याय और संतुलन लाने का प्रयास है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो रहे हैं।

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