गाजीपुर के नजिर हुसैन एक रेलवे कर्मचारी ने रचा, Bhojpuri Cinema का इतिहास

Nazir Hussain Birthday: भोजपुरी सिनेमा के फादर कहे जाने वाले नाजिर हुसैन जी का आज जन्मदिन है, जानिए इनके बारे में सबकुछ

Update:2026-05-15 14:55 IST

Nazir Hussain Birthday Special (Image Credit-Social Media)

Nazir Hussain Birthday: भोजपुरी सिनेमा जगत के पिता कहे जाने वाले दिग्गज एक्टर Nazir Hussain जी का आज जन्मदिन है। भले ही आज Nazir Hussain जी हमारे बीच में ना हो लेकिन उन्होंंने जो कार्य किया है। उसकी वजह से वो ना केवल भोजपुरी सिनेमा को पसंद करने वाले दर्शकों के बीच अपितु हिंदी सिनेमा को भी पसंद करने वाले दर्शकों के बीच हमेशा लोकप्रिय रहेंगे। उन्होंने उस समय भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद जी के साथ मुलाकात करके भोजपुरी सिनेमा की नींव रखी थी। और भोजपुरी सिनेमा की पहली फिल्म गंगा मैय्या तोहे पियरी चढ़इबो 1962 में निर्माण किया था। इस फिल्म को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया था। तो वहीं Nazir Hussain ने ना केवल भोजपुरी सिनेमा में ही अपितु बॉलीवुड सिनेमा में भी काम किया था। तो वहीं पहले आज हम Nazir Hussain जी के उस सफर के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं। जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं कि कैसे उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव से निकलर भोजपुरी सिनेमा की नींव रख दी। 

नजिर हुसैन जी कैसे बने भोजपुरी सिनेमा के पिता (Bhojpuri Cinema Father Nazir Hussain)-

नजिर हुसैन जी का जन्म 15 मई 1922 में हुआ था। बता दे कि नजीर हुसैन के पिता साहबजादा रेलवे में कर्मचारी थे, इसलिए उनके नक्शे कदम पर चलते हुए Nazir Hussain ने भी फायर मैन के रूप में रेलवे में नौकरी करने लगे, इसी दौरान दूसरा विश्वयुद्ध छिड़ गया और वह ब्रिटिश सेना में शामिल हो गए। इसके बाद साल 1943 में जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का निर्माण किया तो उस समय Nazir Hussain उनकी सेना में एनआईए के रैंकों में शामिल हो गए। युद्ध के बाद जब एनआई के सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया तो Nazir Hussain भी उनमें शामिल थे। इस तरह से Nazir Hussain जी ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई थी। 


जब भारत देश 1947 में आजाद हुआ। उस समय सभी सैनिकों को जोल से बाहर निकाला गया। लेकिन सेना में नौकरी से वंचित हो जाने बाद नजीर हुसैन और उनके साथियों ने कला की ओर रूख किया। सभी ने मिलकर देशभर में नाटकों का मंचन शुरू कर दिया। यहीं से उन्होंने सिनेमा के क्षेत्र में कदम रखा। फिल्म उद्योग में काम करने के लिए नजीर हुसैन जी कलकत्ता गए और वहाँ बिमल रॉय के सहायक के रूप में काम किया। 1950 में उन्होंने आजाद हिंद फौज पर आधारित फिल्म पहला आदमी के संवाद लिखे। बिमलरॉय द्वारा निर्देशित इस फिल्म में नजीर ने डॉक्टर का किरदार भी निभाया। और इसके बाद से कैमरे के सामने उन्होंने भूमिकाएं निभाना शुरू कर दिया। इनकी जीवनी एक प्रेरणा बन गई। Nazir Hussain जी ने 50 से 70 दशक तक फिल्मों में काम किया। और 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 


नजिर हुसैन जी ने अपने निजी जीवन को गुप्त ही रखा, उनके एक बच्चे का नाम मुमताज हुसैन था। 16 अक्टूबर 1987 में हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हो गया।

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