'डार्क चॉकलेट' खाते ही उड़ जाती है आपकी नींद? एक्सपर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा !

Dark chocolate sleep connection: आम चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट ज्यादा सही होती है, क्योंकि इसका स्वाद, बनावट और सेहत से जुड़ी खूबियों के कारण इसे हेल्दी बनाता है। डार्क चॉकलेट आपकी सेहत के साथ-साथ आपकी नींद उड़ाने का भी काम कर सकती है?

Update:2025-07-29 15:11 IST

Dark chocolate sleep connection (photo credit: social media)

Dark chocolate sleep connection: आपको चॉकलेट खाना तो पसंद ही होगा... होगा भी क्यों नहीं आखिर ये है ही लोगो की सबसे पसंदीदा चीज़। आमतौर पर आपने सुना होगा कि अगर वीकनेस फील हो तो चॉकलेट खा लो। चॉकलेट तुरंत ही बॉडी को एनर्जी देती है। कई मामलों में चॉकलेट हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है तो वहीं हानिकारक भी हो सकता है। लेकिन यदि 'डार्क चॉकलेट' की बात करें तो इसका नाम सुनते ही ज़्यादातर लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।


ऐसा कहा जाता है कि आम चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट ज्यादा सही होती है, क्योंकि इसका स्वाद, बनावट और सेहत से जुड़ी खूबियों के कारण इसे हेल्दी बनाता है। लेकिन क्या आपको मालूम हैं कि डार्क चॉकलेट आपकी सेहत के साथ-साथ आपकी नींद उड़ाने का भी काम कर सकती है? जी हां, ये हम नहीं कह रहे बल्कि इसका दावा खुद कई एक्सपर्ट करते हैं। हेल्दी होने के बावजूद डार्क चॉकलेट में कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो आपके स्लीप साइकिल को ख़राब कर देते हैं और इसके पीछे एक हार्मोनल कारण भी छिपा हुआ है, जिससे आप अभी तक अनजान हैं।

कितनी फायदेमंद है 'डार्क चॉकलेट'?

डार्क चॉकलेट आमतौर पर हेल्दी मानी जाती है लेकिन इसमें पाए जाने वाले कैफीन और थियोब्रोमिन जैसे तत्व आपकी नींद की गुणवत्ता को ख़राब कर सकते हैं। ये दोनों कंपाउंड मिलकर आपके मस्तिष्क के नींद लाने वाले हार्मोन 'मेलाटोनिन' के स्तर को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं जिससे नींद आने में देरी हो सकती है या नींद बार-बार टूट सकती है। विशेषकर यदि इसे रात में खाया जाए तो इसका प्रभाव अधिक देर तक महसूस होता है। इसलिए यदि आप अनिद्रा या नींद की कमी से जूझ रहे हैं तो डार्क चॉकलेट का सेवन सोच-समझकर और सही समय पर ही करें।

क्या पाया जाता है 'डार्क चॉकलेट' में ?


सफदरजंग अस्पताल में कार्यरत एक एक्सपर्ट के मुताबिक, डार्क चॉकलेट में कोको की अधिक मात्रा मौजूद होती है और चीनी या दूध कम। यह एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और फ्लावोनॉयड्स जैसे कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होती है। लेकिन इसके साथ ही इसमें कैफीन और थियोब्रोमिन भी मौजूद होता है यही दो चीजें इसकी स्वादिष्टता के साथ-साथ आपकी नींद को खराब कर सकती हैं।

कैफीन का सीधा प्रभाव स्लीप हार्मोन पर


डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले कैफीन कॉफी में भी पाया जाता है दोनों ही जो दिमाग को एक्टिव रखने का काम करता है। जब आप कैफीन का सेवन करते हैं, तो यह आपके मस्तिष्क में बनने वाले melatonin (मेलाटोनिन) नामक नींद लाने वाले हार्मोन की मात्रा को कम कर देता है। मेलाटोनिन वो हार्मोन है जो हमारे शरीर को संकेत देता है कि अब सोने का वक़्त हो गया है। जब कैफीन इसे दबा देता है तो नींद आने में देर हो सकती है या नींद बार-बार टूट सकती है।

नींद कैसे होती है ख़राब ?

थियोब्रोमिन एक ऐसा स्टिम्युलेंट है जो ह्रदय की धड़कन को बढ़ा देता है और शरीर को एक्टिव कर देता है। डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमिन की मात्रा ज्यादा होती है और इसका प्रभाव कैफीन से थोड़ा लंबा चलता है। यही वजह है कि डार्क चॉकलेट खाने के कुछ घंटे बाद भी आपको नींद नहीं आती भले ही शरीर थका हो।

कितना और कब खाना चाहिए ?

यदि आप डार्क चॉकलेट के फायदे उठाना चाहते हैं लेकिन नींद कोई खलल नहीं चाहते, तो इसे दिन के पहले हिस्से में खाएं जैसे सुबह या दोपहर के समय। रात के खाने के बाद या सोने से पहले डार्क चॉकलेट खाने की गलती न करें। विशेषकर, यदि आप नींद से जुड़ी किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप इसे पूरी तरह से अवॉइड करें।

हर किसी पर प्रभाव अलग-अलग पड़ सकता है...

गौर करने वाली वाली बात ये है कि हर किसी का शरीर अलग होता है। कुछ लोगों को थोड़ी सी चॉकलेट भी रात भर जगाए रखती है। तो वहीं कुछ लोग डार्क चॉकलेट खाकर भी गहरी नींद में सो जाते हैं। यदि, आप खुद ध्यान दें कि चॉकलेट खाने के बाद आपकी नींद में कमी आ रही है, तो यह आपके लिए एक बड़ा संकेत हो सकता है। 

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