भारत में बिक रही Ice Cream में दूध नहीं तेल है! मिठास के पीछे कड़वा सच, भारत में आइसक्रीम के नाम पर हो रहा है बड़ा फ्रॉड?
Ice Cream Vs Frozen Dessert: रोज़ाना जो आइस क्रीम आप खा रहे हैं क्या वो वाकई दूध से बना होता है या फिर वेजिटेबल ऑयल यानी वनस्पति तेल (फ्रोजन डेज़र्ट) ? आज हम इस लेख में आपको विस्तार से बताएंगे कि भारत में बिकने वाली ज्यादातर आइसक्रीम में क्या मिला होता है और ये आपकी सेहत पर किस प्रकार प्रभाव डाल रहा है।
Ice Cream Vs Frozen Dessert (photo: social media)
Ice Cream Vs Frozen Dessert: गर्मियों के मौसम में सभी लोगों को ठंडी जगहों पर घूमना, रहना और खाना पसंद होता है। ठंडी जगहों पर घूमने के कई विकल्प हैं जिनके बारे में आय दिन खूब बातें होती हैं। कभी हिमांचल प्रदेश में तो कभी उत्तराखंड की वादियों में। लेकिन खाने की बात करे तो लोग ठंडे के नाम पर आइस क्रीम बड़े चाव से खाते हैं क्योंकि गर्मी के मौसम में आइसक्रीम का स्वाद ही एक सुकून देने वाला अनुभव होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो आइसक्रीम आप बड़े चाव से खाते हैं, उसमें असली दूध है भी या नहीं? ये सवाल आपके लिए ही है। क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि आइस क्रीम में क्या मिला होता है, इसे कैसे बनाया जाता है ?
रोज़ाना जो आइस क्रीम आप खा रहे हैं क्या वो वाकई दूध से बना होता है या फिर वेजिटेबल ऑयल यानी वनस्पति तेल (फ्रोजन डेज़र्ट) ? आज हम इस लेख में आपको विस्तार से बताएंगे कि भारत में बिकने वाली ज्यादातर आइसक्रीम में क्या मिला होता है और ये आपकी सेहत पर किस प्रकार प्रभाव डाल रहा है।
1. भारत में आइसक्रीम और फ्रोजन डेज़र्ट में अंतर
आमतौर पर भारतीय बाज़ार में दो तरह की ठंडी मिठाइयाँ उपलब्ध होती हैं – आइसक्रीम और फ्रोजन डेज़र्ट।
- Ice Cream- आइसक्रीम में दूध, क्रीम और अन्य डेयरी उत्पादों का उपयोग करके बनाया जाता है।
- Frozen Dessert- फ्रोजन डेज़र्ट में डेयरी फैट की जगह वेजिटेबल फैट (जैसे कि पाम ऑयल, कोकोनट ऑयल) का उपयोग किया जाता है।
FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के मुताबिक, इन दोनों को अलग-अलग लेबल करना बेहद आवश्यक है। लेकिन आम उपभोक्ता अक्सर इस फर्क को नहीं समझ पाता और वेजिटेबल ऑयल से बनी फ्रोजन डेज़र्ट को आइसक्रीम समझकर बड़े चाव के साथ खाता है।
2. क्यों किया जाता है वेजिटेबल ऑयल का उपयोग ?
वेजिटेबल ऑयल (वनस्पति तेल) का उपयोग विशेष रूप से स्वाद, स्थिरता और बनावट को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। यह एक सस्ता विकल्प है जो आइसक्रीम को मलाईदार और क्रीमी बनाने में सहायता करता है।
इसकी खासियत -
कम लागत (Low Cost): वेजिटेबल फैट, डेयरी फैट की तुलना में तकरीबन 40-50% सस्ता होता है।
लंबी शेल्फ लाइफ (long shelf life): वनस्पति तेल से तैयार किया गया फ्रोजन डेज़र्ट ज्यादा दिनों तक खराब नहीं (होती।)
स्टेबल टेक्सचर और फ्लेवर (Stable texture and flavour): यह कम तापमान में भी स्थिर रहता है, जिससे कंपनियों को उत्पादन और स्टोरेज में सुविधा होती है।
उच्च मुनाफा (high profits): कम लागत और ज्यादा मार्जिन से लगभग सभी कंपनियों को ज्यादा फायदा होता है।
3. भारत में इसका पैमाना
साल 2024 डेटा के मुताबिक, भारत में आइसक्रीम और फ्रोजन डेज़र्ट का संगठित बाजार तकरीबन 20,000 करोड़ रुपये का है। इसमें से लगभग 60% हिस्सा फ्रोजन डेज़र्ट का है, जिसमें वेजिटेबल ऑयल का उपयोग किया जाता है।
प्रमुख ब्रांड्स जो फ्रोजन डेज़र्ट बेचते हैं:
- Kwality Walls (Unilever)
- Vadilal (कुछ वैरिएंट)
- Cream Bell (कुछ उत्पाद)
- Amul (असली आइसक्रीम बनाता है)
Amul कंपनी की खासियत
Amul कंपनी असली आइसक्रीम बनाकर तैयार करते है। Amul अन्य आइसक्रीम ब्रांडों की तरह वनस्पति तेल का इस्तेमाल नहीं करता है। 'अमूल आइसक्रीम' शुद्ध दूध और अन्य उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से बनी होती है इसलिए यह फ्रोजन डेजर्ट की श्रेणी में नहीं आता है। अमूल एक सहकारी संस्था है, जो सभी उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्ता और किफायती उत्पाद बेचने का प्रयास करती है। Amul एक भारतीय डेयरी सहकारी समिति है जो कि अपनी पैकेजिंग में 'आइसक्रीम' शब्द का इस्तेमाल करता है।
Amul आइसक्रीम की मुख्य विशेषताएं -
- असली दूध से बनकर तैयार: कंपनी के मुताबिक, 'अमूल आइसक्रीम' ताजे दूध से बनाकर तैयार की जाती है और इसमें कोई वनस्पति तेल नहीं मिलाया जाता है।
- उच्च गुणवत्ता: अमूल आइसक्रीम में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री ही (मिलाया जाता है ) और इसे सख्त गुणवत्ता मानकों के साथ बनाया जाता है।
- बहुत से फ्लेवर: अमूल आइसक्रीम अलग-अलग कई प्रकार फ्लेवर में उपलब्ध है, जिसमें फ्रूट, नट्स और अन्य स्वाद मिलते हैं।
- प्रोबायोटिक्स और शुगर फ्री: अमूल आइसक्रीम में प्रोबायोटिक्स और शुगर फ्री प्रोबायोटिक विकल्प भी उपलब्ध होते हैं।
- सस्ते और कम लागत: अमूल आइसक्रीम को सभी उपभोक्ताओं के लिए सस्ता और किफायती बनाने की कोशिश की जाती है।
4. फ्रोजन डेज़र्ट खाने का सेहत पर असर
- ट्रांस फैट की मौजूदगी: कई वेजिटेबल ऑयल्स, खासतौर से हाइड्रोजेनेटेड ऑयल, शरीर में बेहद खतरनाक ट्रांस फैट पैदा करते हैं। WHO के मुताबिक, ट्रांस फैट से हार्ट अटैक का खतरा लगभग 23% तक बढ़ सकता है। इसके साथ ही लगातार सेवन से तेजी से मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं।
- बच्चों (की ) स्वास्थ्य पर प्रभाव: बच्चों के शरीर को अच्छे फैट्स की बेहद आवश्यकता होती है, लेकिन ट्रांस फैट्स उनकी ग्रोथ और मस्तिष्क के विकास को बुरी तरह से प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोग वेजिटेबल ऑयल्स को अच्छी तरह नहीं पचा पाते, जिस कारण पेट में एसिडिटी, गैस और पेट (खराब ) की समस्या पैदा हो सकती है।
5. क्या कहता है सरकार और नियम ?
साल 2017 में FSSAI ने एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें साफ़ तौर बताया गया था कि 'फ्रोजन डेज़र्ट' को 'आइसक्रीम' कभी नहीं कहा जा सकता। लेकिन इस गाइडलाइन के बावजूद आज भी :
- छोटे शहरों और गांवों में उपभोक्ता आज भी इस बारे में जानकारी नहीं रखते हैं।
- कई दुकानदार भी 'फ्रोजन डेज़र्ट' को 'आइसक्रीम' में अंतर नहीं समझते और ग्राहकों को ग़लत जानकारी देते हैं।
- विज्ञापन कंपनियाँ 'डेज़र्ट' शब्द को इतने आकर्षक ढंग से प्रयोग करती हैं कि असल जानकारी छुप जाती है।
6. एक अध्ययन की सच्चाई
Consumer Voice (Delhi-based NGO) ने एक सर्वे में खुलासा हुआ कि भारत के 10 शहरों में बिकने वाली 15 ब्रांड्स की आइसक्रीम में से लगभग 9 में वेजिटेबल ऑयल का प्रयोग किया हुआ था, जबकि उनका प्रचार-प्रसार आइसक्रीम के रूप में किया जा रहा था।
इंडियन डाइटेटिक एसोसिएशन की सदस्य डॉ. अनुपमा जैन, जो (की ) एक मोटापा घटाने वाली आहार विशेषज्ञ (dietitian), पोषण विशेषज्ञ (nutritionist) और प्रमाणित आहार विशेषज्ञ हैं, उनका साफ़ कहना है कि: "लंबे समय तक वेजिटेबल फैट युक्त उत्पादों का सेवन करने से हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।"
7. अब क्या कर सकते हैं उपभोक्ता ?
- ये लेबल अवश्य ध्यान से पढ़ें – यदि "Vegetable Oil", "Palm Oil", "Frozen Dessert" जैसे शब्द हों तो समझ जाएं कि यह असली आइसक्रीम नहीं है।
- Amul, Mother Dairy, Havmor जैसी डेयरी आधारित आइसक्रीम का चयन करें जो खुलकर अपनी सामग्री बताते हैं।
- बच्चों को फ्रोजन डेज़र्ट खाने से बचांए खासतौर से रोज़ाना सेवन न कराएं।
- घर में आइसक्रीम बनाना आपके लिए एक बेहतर विकल्प है जिसमें दूध, क्रीम और फल (के साथ ) का प्रयोग किया जा सकता है।
8. भविष्य में क्या बदलेगा ?
आज की तारिख में बहुत से उपभोक्ता 'फ्रोजन डेज़र्ट' और 'आइसक्रीम' में अंतर नहीं समझते लेकिन कुछ जगहों पर खासकर शहरी क्षेत्रों में लोग अब इसका अंतर समझने लगे हैं। FSSAI भी सख्ती दिखा रहा है और आने वाले सालों में 'फ्रोजन डेज़र्ट' और 'आइसक्रीम' की पैकेजिंग पर (बड़ी ) चेतावनी लेबल अनिवार्य किया जा सकता है। लोकल डेयरी कंपनियाँ अब दूध और क्रीम आधारित उत्पादों पर ज्यादा ज़ोर देना शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही ऑर्गेनिक और नेचुरल ब्रांड्स का चलन बढ़ रहा है जो बिना कृत्रिम फैट के आइसक्रीम बनाकर तैयार रहे हैं।
ठंडी मिठास लेकिन गर्म सच!
जो आइसक्रीम आप केवल स्वाद का आनंद लेने के लिए खाते हैं उसके आगे आपको अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दरअसल वो आइसक्रीम नहीं बल्कि फैट और वेजिटेबल ऑयल का कॉकटेल हो सकता है। सस्ता विकल्प कंपनियों को फायदा अवश्य दे सकता है लेकिन ये आपकी सेहत के साथ समझौता करता है। जरूरी है कि हम जागरूक उपभोक्ता बनें, प्रोडक्ट्स के लेबल पर लिखे चेतावनी को अवश्य पढ़ें, समझें और सही विकल्प चुनें। कंपनियों की मार्केटिंग हमें भ्रमित कर सकती है लेकिन हमारी सही जानकारी और जागरूकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत भी बन सकती है। इसीलिए सतर्क रहें और सेहत और स्वाद के लिए सही चयन करें।