'आप पतंजलि संभालें...' अभिजीत दीपके ने रामदेव को लिया आड़े हाथों, BJP को भी जमकर लताड़ा
Abhijeet Dipke Slams Baba Ramdev: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बाबा रामदेव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पतंजलि, शिक्षा व्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने धमकियां मिलने का दावा किया, बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि छात्र आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
Abhijeet Dipke Slams Baba Ramdev: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने योग गुरु बाबा रामदेव के बयानों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने देश की राजनीतिक स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। दीपके ने यह सनसनीखेज दावा भी किया कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उनसे कहा गया कि यदि वे भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा नहीं बनते हैं, तो उनके परिवार के लिए बड़ी मुसीबतें खड़ी कर दी जाएंगी। उन्होंने साफ कहा कि सत्ताधारी दल के दबाव के आगे वे बिल्कुल भी नहीं झुकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए सरकार हर संभव हथकंडा सफलतापूर्वक अपना रही है।
पतंजलि के सामान पर उठाए सवाल
रामदेव पर हमला बोलते हुए दीपके ने कहा कि उन्हें राजनीति पर बेतुकी टिप्पणी करने के बजाय अपने ब्रांड के सामान की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट भी पतंजलि के कई दावों को भ्रामक बता चुका है। दीपके के अनुसार आज की युवा पीढ़ी देश और लोकतंत्र को बहुत ही अच्छी तरह संभाल सकती है। यदि रामदेव ने अपने खराब उत्पादों की चिंता नहीं की, तो उनकी पूरी कंपनी बंद होने की नौबत आ सकती है। उन्होंने कहा कि योग गुरु बाबा रामदेव को समाज को उपदेश देने के बजाय अपनी संस्था की कमियों को दूर करने का प्रयास पूरी ईमानदारी से करना चाहिए।
गृह मंत्री पर कार्रवाई के आरोप
अमित शाह पर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए दीपके ने कहा कि आंदोलन में हुई पुलिस कार्रवाई के लिए गृह मंत्री सीधे जिम्मेदार हैं। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस बल गृह मंत्रालय के तहत काम करता है, इसलिए ऐसी घटनाओं की पूरी जानकारी गृह मंत्री को होना बेहद स्वाभाविक है। दीपके ने कहा कि पुलिस का काम आम जनता की रक्षा करना है, न कि किसी विशेष राजनीतिक दल के इशारों पर काम करना। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे वर्दी की मर्यादा बनाए रखें और संविधान के दायरे में रहकर अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी सच्ची निष्ठा से हमेशा करते रहें।
उपद्रवियों के जरिए साजिश का दावा
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष ने अपने लोगों को भेजकर प्रदर्शन में जानबूझकर गड़बड़ी फैलाई। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया, जिससे निर्दोष अधिकारियों को चोटें आईं। दीपके ने घायल अधिकारियों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों पर किए गए क्रूर लाठीचार्ज पर गंभीर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाकर शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेशेवर अपराधियों का सहारा लेकर छात्रों में डर पैदा करना चाहती है ताकि वे भविष्य में सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ कोई विरोध प्रदर्शन करने का साहस न जुटा सकें।
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा आंदोलन
दीपके ने साफ किया कि बिहार या मुंबई से आए किसी भी छात्र ने दिल्ली में किसी भी तरह की कोई हिंसा नहीं की। यह पूरी कार्रवाई छात्रों को डराने और उनके आंदोलन को कुचलने की पूर्व नियोजित साजिश थी। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अपने अधिकारों की मांग करना कोई अपराध नहीं है। देश का युवा अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है। वे अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीकों से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होता और भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता, तब तक उनका यह ऐतिहासिक संघर्ष लगातार जारी रहेगा।