केजरीवाल से क्या चाहते थे अवध ओझा? AAP में आते ही की थी बड़ी डिमांड, पहली बार खुद खोला बड़ा राज

Avadh Ojha Demand to Kejriwal: अवध ओझा ने पहली बार खुलासा किया कि आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने अरविंद केजरीवाल से क्या बड़ी मांग की थी। ओझा के मुताबिक उन्होंने सीधे केजरीवाल से पंजाब से राज्यसभा भेजे जा रहे नेताओं की जगह खुद को भेजने की इच्छा जताई थी।

Update:2026-08-18 14:57 IST

Avadh Ojha Demand to Kejriwal: दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार और राजनीति से संन्यास की घोषणा के कुछ महीनों बाद मशहूर कोचिंग गुरु अवध ओझा ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। 18 अगस्त 2026 को सामने आए उनके इस बयान ने आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदरूनी समीकरणों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए ओझा ने खुलकर स्वीकार किया कि वे संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा जाना चाहते थे और उन्होंने यह इच्छा किसी तीसरे के जरिए नहीं, बल्कि सीधे अरविंद केजरीवाल के सामने रखी थी।

क्या थी अवध ओझा की केजरीवाल से डिमांड

इतिहास को अपने अनोखे अंदाज में पढ़ाने के लिए पहचाने जाने वाले अवध ओझा ने अपनी बेबाक शैली में बताया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से कोई भी बात घुमा-फिराकर नहीं कही थी। ओझा के अनुसार, जब 'आप' पंजाब से अपने नेताओं को राज्यसभा भेज रही थी, तब उन्होंने केजरीवाल से कहा था, "आप जिन लोगों को पंजाब से राज्यसभा भेज रहे हैं, उनकी जगह मुझे भेज दीजिए।" उन्होंने बताया कि वे कभी कोई बात छिपाकर नहीं कहते और उन्होंने अपनी मंशा पूरी साफगोई के साथ नेतृत्व के समक्ष जाहिर कर दी थी।

केजरीवाल की जमकर तारीफ

आरएसएस के मंच से बोलते हुए एक तरफ जहां अवध ओझा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अरविंद केजरीवाल के प्रशासनिक कार्यों की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर कौन कैसा है, इससे परे हटकर देखें तो केजरीवाल ने दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किया है। ओझा ने अपना एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान जब वे झुग्गी-झोपड़ियों में गए, तो वहां एक सामान्य परिवार की बच्ची फर्राटेदार जर्मन और अंग्रेजी बोल रही थी, जो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आए बदलाव का सीधा प्रमाण है।

इस्तीफा देने से पहले हुई थी आखिरी मुलाकात

ओझा ने उस पल को भी याद किया जब उन्होंने दिसंबर 2025 में पार्टी छोड़ने का मन बनाया था। उस समय अरविंद केजरीवाल ने उन्हें रोकते हुए राजनीति से संन्यास लेने का कारण पूछा था और जानना चाहा था कि क्या वे राज्यसभा जाना चाहते हैं? इस पर ओझा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि वे राज्यसभा जरूर जाएंगे, लेकिन अभी उन्हें इसके लिए काफी 'होमवर्क' यानी जमीनी तैयारी करनी बाकी है।

दिसंबर 2024 में थामी थी झाड़ू

गौरतलब है कि अवध ओझा दिसंबर 2024 में बड़े जोर-शोर के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। लगभग 1 साल तक सक्रिय रहने के बाद उन्होंने पार्टी और चुनावी राजनीति से दूरी बना ली। उनके इस ताजा खुलासे के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या आने वाले समय में वे किसी नए राजनीतिक मंच या राज्यसभा के जरिए दोबारा सार्वजनिक जीवन में कदम रखेंगे।

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