Bhagwant Mann News: पंजाब की राजनीति में भूचाल! अकाल तख्त ने भगवंत मान को लेकर सुनाया बड़ा फैसला
Bhagwant Mann News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख्त साहिब ने कथित वीडियो विवाद के बाद 'गुरु-द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' करार दिया। इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए, जबकि विपक्षी दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
Bhagwant Mann News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर सोमवार को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब ने बड़ा फैसला सुनाया। अमृतसर में पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' करार दिया। यह फैसला एक कथित वीडियो से जुड़े विवाद के बाद लिया गया।
वीडियो विवाद बना चर्चा का विषय
अकाल तख्त के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान से पहले भी इस कथित वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उस समय मुख्यमंत्री ने वीडियो को फर्जी और एआई से तैयार किया गया बताया था। इसके बाद वीडियो की जांच को लेकर कई स्तरों पर प्रयास किए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया फैसला
जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से जांच कराई गई, जिसमें वीडियो के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ के संकेत नहीं मिले। उनका दावा है कि जांच रिपोर्ट में वीडियो को असली बताया गया है। हालांकि उन्होंने संबंधित लैब के नाम सार्वजनिक नहीं किए।
अकाल तख्त ने जताई नाराजगी
कार्यवाहक जत्थेदार ने कहा कि मुख्यमंत्री से इस मामले में अलग तरह की उम्मीद थी, लेकिन उनके जवाब से संतुष्टि नहीं मिली। पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।
आम आदमी पार्टी ने उठाए सवाल
अकाल तख्त के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि रिपोर्ट में केवल वीडियो के असली होने की बात कही गई है, लेकिन कहीं भी यह साबित नहीं किया गया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान ही हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
विपक्ष ने भी साधा निशाना
इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वीडियो सही है तो आगे की कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने अकाल तख्त के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वह पंथ द्वारा दिए गए हर निर्देश का पालन करेगा। पार्टी ने इस पूरे मामले की कड़ी निंदा भी की।
पंजाब की राजनीति में बढ़ा विवाद
अकाल तख्त के इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ धार्मिक संस्था अपने फैसले पर कायम है, तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है।