'ना 50 लाख मिले, ना...' भरत तिवारी की मां ने खोली PK की पोल, 15 दिन का दिया अल्टीमेटम
Bharat Tiwari Mother Warns PK: भरत तिवारी की मां आशा देवी ने प्रशांत किशोर के 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता मिलने के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने 15 दिनों के भीतर सबूत पेश करने या सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम देते हुए मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी है।
Bharat Tiwari Mother Warns PK: बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर द्वारा भरत तिवारी की मां को 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता राशि मिलने के दावे के बाद बवाल खड़ा हो गया है। गुरुवार, 06 अगस्त 2026 को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में दिवंगत भरत तिवारी की माता आशा देवी ने पत्रकारों से बातचीत में इन आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर 15 दिनों के भीतर इन झूठे दावों के पक्ष में ठोस सबूत पेश करें, वरना वे उनके खिलाफ अदालत में मानहानि का केस दायर करेंगी।
सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात का सच
आशा देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हुई अपनी हालिया मुलाकात पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी तरह की आर्थिक मदद मांगने पटना नहीं गई थीं। उनकी मुख्य मांग भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने की थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी, जगदीशपुर के एसडीएम को हटाया गया और मुख्य आरोपी अक्षय कुमार की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
'न्याय का वादा कर पीछे हटे पीके'
भरत तिवारी की मां ने प्रशांत किशोर पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना के शुरुआत में प्रशांत किशोर ने उनके घर आकर 15 दिनों में न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। हालांकि, बाद में वे अपने शब्दों से मुकर गए। आशा देवी ने भावुक होते हुए कहा कि न्याय दिलाने के बजाय अब वही व्यक्ति झूठी बयानबाजी कर एक पीड़ित मां के जख्मों को और हरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में उन्हें 50 लाख रुपये की कोई मदद मिलती, तो यह बात पूरे देश और बिहार से छिपी नहीं रहती।
बैंक खातों की जांच कराने की खुली चुनौती
अपने ऊपर लगे आरोपों से आहत परिवार ने प्रशांत किशोर को खुली चुनौती दी है। आशा देवी ने कहा कि यदि जन सुराज नेता को अपने आरोपों पर इतना ही भरोसा है, तो वे उनके परिवार के सभी सदस्यों और रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट्स की जांच करवा लें। यदि किसी भी खाते में सरकारी राशि का लेन-देन मिलता है, तो उसके प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि या तो प्रशांत किशोर 15 दिनों में सार्वजनिक माफी मांगें या फिर विधिक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।