JPSC-JSSC घोटाले पर झारखंड में महाभारत! राहुल गांधी ने छात्रों को किया फोन, छात्र नेता ने कांग्रेस को दी सीधी चेतावनी

Rahul Gandhi Calls to JPSC-JSSC Students: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। इस बीच राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात कर मदद का भरोसा दिया है।

Update:2026-08-06 23:00 IST

Rahul Gandhi Calls to JPSC-JSSC Students: झारखंड राज्य में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों और धांधली को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। पिछले कई दिनों से हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे हुए हैं और लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस बढ़ते जनआक्रोश के बीच संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुद आगे आकर हस्तक्षेप किया है। उन्होंने गुरुवार के दिन प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से फोन पर सीधी बातचीत की। इससे पहले भी वे छात्रों के इस आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज उठा चुके थे।

राहुल गांधी ने फोन कर दिया मदद का बड़ा भरोसा

आंदोलन में शामिल युवाओं के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए राहुल गांधी ने फोन पर छात्रों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बातचीत के दौरान परीक्षार्थियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार बहुत जल्द यानी कल ही उन्हें वार्ता के लिए बुलाएगी। इस महत्वपूर्ण फोन कॉल के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा नेता रविंद्र पासवान का आधिकारिक बयान भी सामने आया। रविंद्र पासवान ने मीडिया को जानकारी देते हुए पुष्टि की कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुद उनसे संपर्क साधा और राज्य के हालात की पूरी रिपोर्ट ली।

छात्र नेता ने राहुल के सामने खोली व्यवस्था की पोल

संवाद के दौरान छात्र प्रतिनिधि रविंद्र पासवान ने राहुल गांधी को राज्य के वर्तमान हालात से विस्तार से वाकिफ कराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड के भीतर परीक्षा माफिया का जाल बहुत गहराई तक फैल चुका है और वे बेखौफ होकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पासवान ने राहुल को याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी खुद झारखंड की राज्य सरकार में एक प्रमुख साझीदार है। इसलिए इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस को अपनी स्थिति और स्टैंड पूरी तरह साफ करना चाहिए।

केवल खोखले वादों और आश्वासनों से अब नहीं बनने वाली बात

छात्रों की बातें सुनने के बाद राहुल गांधी ने उनसे आग्रह किया कि वे अपनी सभी मांगों की एक सूची व्हाट्सएप के जरिए उनके पास भेज दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस पूरे मुद्दे को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और इसे सुलझाने के लिए जो भी संभव कदम होंगे, उठाए जाएंगे। उन्होंने सरकार से बात करने का भी वचन दिया। हालांकि, रविंद्र पासवान ने दोटूक अंदाज में कहा कि अब तक छात्रों को केवल झूठे दिलासे और कोरे आश्वासन ही मिले हैं, लेकिन अब सिर्फ बातों से काम नहीं चलने वाला है।

मांगों पर ढिलाई पड़ी तो सरकार से बाहर हो कांग्रेस

रविंद्र पासवान ने सीधे तौर पर राहुल गांधी से भावुक और कड़ा आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सचमुच देश और राज्य के छात्रों के साथ खड़ी है, तो उसे बिना किसी देरी के अपना रुख स्पष्ट करना होगा। साथ ही सरकार पर दबाव बनाकर छात्रों की सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द मंजूर करवाना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस सीधे हस्तक्षेप के बाद भी सत्तासीन सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो नैतिक आधार पर कांग्रेस का इस गठबंधन सरकार में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

हेमंत सोरेन और कांग्रेस दोनों पर बराबर की जवाबदेही

छात्र नेताओं का साफ मानना है कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह ही सत्ता में भागीदार कांग्रेस पार्टी की भी इस पूरे घटनाक्रम पर बराबर की जिम्मेदारी बनती है। वे अपनी जवाबदेही से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हट सकते हैं। युवाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी तरह मान नहीं ली जातीं, तब तक वे वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और सड़कों पर अपनी आवाज इसी तरह मजबूती से बुलंद करते रहेंगे।

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