24 घंटे बाद भी चमोली में रेस्क्यू जारी, 3 मजदूरों तलाश में प्रशासन ने झोंकी ताकत, पानी-मलबे ने बढ़ाई मुश्किल

Chamoli Tunnel Collapse Update: उत्तराखंड के चमोली में पीपलकोटी के पास निर्माणाधीन टनल हादसे के 24 घंटे बाद भी 3 मजदूर लापता हैं। सुरंग में पानी, कीचड़ और मलबा रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी बाधा बन रहे हैं। NDRF, SDRF, ITBP, CISF, सेना और पुलिस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।

Update:2026-08-14 21:32 IST

Chamoli Tunnel Collapse Update: उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के पास निर्माणाधीन टनल में अचानक आई आपदा ने हर किसी का दिल दहला दिया है। पीपलकोटी प्रोजेक्ट की इस सुरंग में 24 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। टनल के भीतर अभी भी 3 मजदूर लापता हैं, जिनकी सलामती के लिए पूरा देश प्रार्थना कर रहा है। घटना के तुरंत बाद से ही चलाए जा रहे राहत अभियान में लगातार आ रही रुकावटों ने प्रशासन और बचाव टीमों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। हादसे के वक्त टनल के अंदर कुल 22 लोग मौजूद थे, जिनमें से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 7 लोगों के शव बरामद हुए हैं।

जलस्तर और कीचड़ बना चुनौती

टनल के अंदर लगातार बढ़ रहे पानी और मलबे ने रेस्क्यू ऑपरेशन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सुरंग के भीतर लगभग 900 मीटर का क्षेत्र पूरी तरह से पानी और गाद से भर चुका है। कई जगहों पर जलस्तर 5 से 6 फीट तक पहुंच गया है। NDRF और SDRF के जवानों को कीचड़ और घने अंधेरे के बीच कदम रखना पड़ रहा है। टनल में ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो रही है, जिससे बचाव दल के सदस्यों को भी सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से टनल के बाहर भी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है, जिससे हालात और भी चिंताजनक हो चुके हैं।

युद्धस्तर पर जारी राहत कार्य

विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल के हौसले बुलंद हैं। NDRF, SDRF, ITBP, CISF और स्थानीय पुलिस के साथ सेना के जवान भी इस मिशन में दिन-रात एक कर रहे हैं। तीन अलग-अलग टीमें बारी-बारी से सुरंग के भीतर दाखिल होकर मलबे को हटाने और पानी को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं। भारी-भरकम पंपों की मदद से टनल से पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लगातार आ रहा पानी उनके रास्ते में बड़ी बाधा पैदा कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया है और अधिकारियों को हर संभव संसाधन झोंकने के निर्देश दिए हैं।

उम्मीद और डर के बीच जंग

सुरंग के बाहर लापता मजदूरों के परिजन टकटकी लगाए बैठे हैं। उनके चेहरों पर डर और अपनों को दोबारा देखने की उम्मीद साफ दिखाई दे रही है। लापता मजदूरों में झारखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले कर्मचारी शामिल हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम भी मौके पर 24 घंटे तैनात रखी गई है ताकि बाहर आते ही घायलों को तुरंत इलाज मिल सके। समय बीतने के साथ-साथ टनल के अंदर फंसे लोगों के लिए परिस्थितियां और कठिन होती जा रही हैं, लेकिन बचाव दल हार मानने को तैयार नहीं है। इस कठिन समय में हर एक सेकंड बेहद कीमती साबित हो रहा है और आज पूरे देश को ईश्वर से केवल एक बड़े चमत्कार की ही आस है।

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