Chaudhary Charan Singh death anniversary: पूर्व PM चरण सिंह की पुण्यतिथि पर देश के दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, किसानों का बताया 'मसीहा'

Chaudhary Charan Singh death anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर विभिन्न मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें किसानों और ग्रामीण भारत का सच्चा नेता बताया गया।

Update:2026-05-29 10:37 IST

Charan Singh(Photo-Social Media)

Chaudhary Charan Singh death anniversary: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजिल दी है। इसके साथ ही चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, "किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में स्थापित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका सादगीपूर्ण जीवन, किसानों के प्रति समर्पण और जनकल्याण की राजनीति हम सभी को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।"

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, किसान कल्याण हेतु आजीवन समर्पित, पूर्व प्रधानमंत्री "भारत रत्न" चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। कृषक और गरीब कल्याण को समर्पित आपका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।"

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने चौधरी चरण सिंह को विनम्र श्रदांजिल देते हुए एक्स पर लिखा, "किसानों के कल्याण व उत्थान के लिए समर्पित नेता, ग्रामीण भारत की सशक्त आवाज, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का समर्पित जीवन किसानों, ग्रामीण भारत और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के उत्थान के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। किसानों के अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए किए गए उनके प्रयास राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे।"

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट सिंह चौधरी ने एक्स पर लिखा, "भारत रत्न से अलंकृत, देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के हितों की प्रबल आवाज जननेता स्व. चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। किसानों, ग्रामीण भारत और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, "महान किसान नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका पूरा जीवन किसान कल्याण, ग्रामीण भारत के पुनरुत्थान और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा। राष्ट्रहित और ईमानदारी को लेकर उनकी प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणापुंज है।"

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, "चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। देश के शीर्ष नेतृत्व में रहते हुए भी उन्होंने कभी किसान को नहीं भुलाया। खेत की मिट्टी से जुड़ा उनका नाता केवल राजनीतिक नहीं था, वह उनकी आत्मा में था। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सादगी और दृढ़ता मिलकर इतिहास बनाती है।"

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा, "किसानों के कल्याण के लिए आजीवन समर्पित रहे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण के प्रति आपका त्याग, संघर्ष एवं किसानों के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित आपका सम्पूर्ण जीवन हमारे लिए प्रेरणा का पर्याय है।"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, "देश के पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों और वंचितों की मुखर आवाज़, चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। कृषि और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए समर्पित उनके ऐतिहासिक निर्णय और जन-कल्याणकारी नीतियाँ सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेंगी। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।"

वहीं, राष्ट्रीय लोकदल ने एक पर कई पोस्ट के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की है। आरएलडी ने लिखा, "भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की अमर स्मृतियों को सादर नमन। उनके विचार और किसान हित का संकल्प सदैव जीवंत रहेगा।"

एक अन्य पोस्ट में लिखा, "भारत की विकास यात्रा को समझना हो तो चौधरी चरण सिंह के विचारों को समझना होगा। उनका दृढ़ विश्वास था कि राष्ट्र की समृद्धि का मार्ग गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। उन्होंने किसान को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक और सामाजिक शक्ति का केंद्र माना। किसान मसीहा, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।"

आरएलडी ने आगे कहा, "चौधरी साहब ने भारतीय राजनीति को सत्ता के गलियारों से निकालकर खेत-खलिहानों, गांवों और किसानों की चौपाल तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने किसान को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव माना। उनका जीवन सादगी, सिद्धांत और किसान हितों के प्रति अडिग समर्पण का जीवंत प्रतीक रहा। उनके विचार सदैव देश के किसान-कमेरे वर्ग को अधिकार, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।"

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