बड़ा खुलासा... 20 लाख बना दिल्ली धमाके की वजह, जैश के पैसों को लेकर भिड़ गए थे आतंकी डॉक्टर

ये सभी आतंकी मेवात के एक एजेंट के जरिए दिल्ली के हवाला नेटवर्क से जुड़े थे। यही एजेंट उन्हें टेरर फंडिंग के लिए हवाला के रास्ते आ रहे पैसों को मुहैया कराता था।

Update:2025-11-16 11:43 IST

दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में अब जांच एजेंसियां हवाला कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं। फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े एक व्हाइट कॉलर आतंकवादी मॉड्यूल में हवाला नेटवर्क का involvement सामने आया है। यह फंडिंग हवाला के जरिए यूनिवर्सिटी से पकड़े गए और अभी फरार डॉक्टरों तक पहुंचाई जा रही थी। खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि डॉक्टरों के बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच की जा रही है। उनके खातों में पिछले कुछ महीनों में हुई ट्रांजैक्शंस की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर उमर, डॉक्टर मुजम्मिल, और डॉक्टर शाहीन के ट्रांजेक्शंस की जांच हो रही है। शुरुआती जांच में इन डॉक्टरों से 20 लाख रुपये से जुड़ा सबूत मिला है, जो जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर से आने की संभावना जताई जा रही है। यह पैसा हवाला के जरिए जैश द्वारा इन डॉक्टरों तक पहुंचाया गया था।

खुफिया सूत्रों ने बताया कि इनमें से करीब 3 लाख रुपये का इस्तेमाल Fertilizer खरीदने में किया गया। इसके अलावा, उमर और शाहीन के बीच इस पैसों को लेकर विवाद भी हुआ था। जांच एजेंसियों को मुजम्मिल से इस मामले में एक महत्वपूर्ण लीड मिली है।

यह आतंकी मॉड्यूल मेवात के एक एजेंट के माध्यम से दिल्ली के हवाला नेटवर्क से जुड़ा था। यही एजेंट इन डॉक्टरों तक टेरर फंडिंग के लिए हवाला से पैसा पहुंचाता था। सबसे पहले इस एजेंट का संपर्क डॉक्टर शाहीन से हुआ था, फिर डॉक्टर मुजम्मिल और हाल ही में डॉक्टर उमर से भी इस एजेंट का संपर्क हुआ था।

सूत्रों के मुताबिक, यह फंडिंग आतंकवादियों के विभिन्न खर्चों में इस्तेमाल हो रही थी, जैसे कि बम धमाके में इस्तेमाल होने वाले अमोनियम नाइट्रेट और अन्य सामान की खरीदारी। एक अधिकारी ने उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली ब्लास्ट से पहले, धमाके के लिए जरूरी सामग्रियां खरीदने, कार में बम लगाने, और अन्य सामग्री जुटाने के लिए ये पैसे खर्च किए गए थे।

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