BS-6 वाहन भी होंगे बैन? 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, फैसले का क्या पड़ेगा प्रभाव
Delhi vehicle ban Latest News: दिल्ली सरकार ने कोर्ट के इस निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार करने के लिए कहा है।
Delhi vehicle ban Latest News
Delhi vehicle ban Latest News:दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर बैन को लेकर दिल्ली सरकार एक बार फिर सक्रीय हो गई है। सरकार ने इस मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब इसी मामले पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, सरकार प्रदूषण कम करने के लिए हर निरंतर प्रयास कर रही है। पहले की सरकारों के कारण से ऐसे हालात बन गए हैं। पहले इसे लेकर काम नहीं किया गया। इसी कारण कोर्ट को ऐसा आदेश देना पड़ा। अब कोर्ट को इस प्रतिबंध को हटाना चाहिए।
गाड़ियों की फिटनेस के आधार पर होना चाहिए फैसला - रेखा गुप्ता
रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि "हमारी सरकार ने कोर्ट ने इसे लेकर एक एप्लिकेशन लगाई है। कोर्ट का ये निर्णय गाड़ियों की फिटनेस के आधार पर होना चाहिए। कार्रवाई भी गाड़ियों की फिटनेस के मुताबिक ही होनी चाहिए। बुजुर्ग लोग तो बहुत कम गाड़ी से चलते हैं। जो गाड़ियां ठीक तरह से काम कर रही हैं यदि उसे उठाया जाएगा तो लोगों को ख़राब लगता है।"
SC से फिर विचार करने की मांग - दिल्ली सरकार
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने कोर्ट के इस निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार करने के लिए कहा है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट से साल 2018 के आदेश पर फिर से विचार करने की मांग की है। कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि BS-6 वाहन BS-4 गाड़ियों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं। दिल्ली सरकार ने मांग की है कि अदालत केंद्र सरकार या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को आदेश दे कि वो NCR में सभी श्रेणियों के 15 या उससे अधिक साल पुराने पेट्रोल और 10 या उससे अधिक साल पुराने डीज़ल गाड़ियों के चलने पर व्यापक, वैज्ञानिक अध्ययन के आदेश दे।
सिर्फ उम्र के अनुसार ऑफ-रोड गाड़ियों के लिए यह आदेश मध्यम वर्ग की आबादी को असाधारण रूप से प्रभावित करता है। जिनकी गाड़ियां कम उपयोग की जाती हैं। अच्छी तरह से रखरखाव किए जाते हैं और प्रदूषण मानदंडों का पालन करते हैं। कई अध्ययनों से पता चलता है कि इन गाड़ियों का वार्षिक माइलेज हमेशा बहुत कम होता है और कुल उत्सर्जन में इनका योगदान न के बराबर होता है।
सुप्रीम कोर्ट में 28 जुलाई को सुनवाई
दिल्ली-एनसीआर में BS-VI तकनीक वाली नई गाड़ियों पर भी वही पुराना नियम लागू होंगे या नहीं, इसपर सुप्रीम कोर्ट अफैसला करने जा रही है। इस मामले की सुनवाई 28 जुलाई 2025 को होगी और यह फैसला दिल्ली-एनसीआर में लाखों वाहन चालकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। यह मुद्दा इसलिए भी बड़ा विषय है क्योंकि BS-VI टेक्नोलॉजी को अभी हाल ही में भारत में लागू किया गया है और इसे अब तक का सबसे साफ और कम प्रदूषण करने वाला Emission Standards के तौर पर देखा जाता है।
बता दें कि यदि सर्वोच्च न्यायालय यह फैसला करती है कि BS-VI गाड़ियों पर 10 और 15 साल तक की सीमा लागू रहेगी, तो इसका बड़ा प्रभाव दिल्ली-NCR के लाखों गाड़ी चलाने वाले लोगों पर पड़ेगा।