साजिश के तहत लगाई गई थी आग, Tughlakabad Fire Incident में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, 4 गिरफ्तार

Tughlakabad Fire Incident: दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में हुई भीषण आग का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं बल्कि बदले की भावना से रची गई साजिश थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।

Update:2026-06-14 14:33 IST

Image Source- Ai

Tughlakabad Fire Incident: दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में 12 जून की रात लगी भीषण आग को शुरुआत में एक सामान्य हादसा माना गया था, उसी मामले मने हुए खुलासे से हड़कंप मच गया है। यहां आधी रात के बाद अचानक भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बहुमंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था। लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों की ओर भागे, कई लोग झुलस गए और तीन लोगों की मौत हो गई थी।

लेकिन अब पुलिस जांच में सामने आई जानकारी ने पूरे मामले को हादसे से सीधे आपराधिक साजिश में बदल दिया है। दक्षिण दिल्ली पुलिस का दावा है कि यह आग किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण नहीं लगी थी, बल्कि इसे जानबूझकर लगाया गया था। वहीं इस मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

रात दो बजे के बाद भड़की थी भीषण आग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना 12 जून की रात करीब 2 बजकर 24 मिनट की बताई जा रही है। दक्षिण दिल्ली के गोविंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित टीकेडी एक्सटेंशन की एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लग गई थी।

आग इतनी तेजी से फैली कि ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने जब धुआं और आग की ऊंची लपटें देखीं तो तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।

वहीं मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था। इस घटना में आठ लोग झुलस गए थे, जिन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिस दौरान पंकज पांडे, सुशीला देवी और सोनिया कुमारी की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।

सीसीटीवी फुटेज ने बदल दी पूरी कहानी

यहां मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आग लगने की सामान्य घटना मानते हुए लापरवाही से मौत और आगजनी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिले, जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी। फुटेज में एक महिला आग लगने से ठीक पहले इमारत की ओर जाती हुई दिखाई दी।

यही फुटेज पुलिस के लिए पहला बड़ा सुराग साबित हुआ। इसके बाद जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे यह स्पष्ट होने लगा कि आग किसी दुर्घटना का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश थी।

नाबालिग लड़की ने खोले कई राज

वहीं इस मामले की जांच के दौरान पुलिस एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की तक पहुंची। पूछताछ में लड़की ने कई अहम जानकारियां पुलिस को दीं। पुलिस के मुताबिक लड़की ने बताया कि उसे आग लगाने के लिए उकसाया गया था। आरोप है कि सरिता नाम की महिला ने उसे पेट्रोल और माचिस उपलब्ध कराई थी। योजना पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की स्कूटी को आग लगाने की थी।

बताया जा रहा है कि, नाबालिग लड़की ने योजना के तहत स्कूटी में आग लगा दी। हालांकि आग केवल स्कूटी तक सीमित नहीं रही और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। इस आग ने तीन लोगों की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे सदमे में पहुंचा दिया।

पैसों के विवाद ने ली तीन लोगों की जान

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का केंद्र दीपक नाम का युवक था। दीपक और निरंजन के बीच लंबे समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था।

चौंकाने वाली बात यह है कि दीपक कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि निरंजन का चचेरा भाई है। पुलिस का कहना है कि निरंजन दीपक से बदला लेना चाहता था और इसी वजह से उसकी स्कूटी को निशाना बनाने की योजना बनाई गई। लेकिन बदले की यह साजिश इतनी खतरनाक साबित हुई कि इसकी चपेट में निर्दोष लोग भी आ गए और तीन लोगों की मौत हो गई।

कौन है इस मामले का मास्टरमाइंड?

पुलिस के अनुसार इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड 33 वर्षीय निरंजन है, जो गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि निरंजन का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी कई मामलों में पुलिस के रडार पर रह चुका है और हाल ही में जेल से बाहर आया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह घोषित अपराधी है। पुलिस का दावा है कि निरंजन नाबालिगों से नशे का कारोबार करवाता था और इसी गतिविधि के चलते उसे पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

सरिता और राजकुमार की भी भूमिका

जांच में यह भी पता चला कि आग लगाने वाली नाबालिग लड़की और सरिता दोनों का संबंध निरंजन और उसके भाई राजकुमार से था। पुलिस के अनुसार दोनों महिलाएं निरंजन और राजकुमार की गर्लफ्रेंड थीं।

27 वर्षीय सरिता पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की को पेट्रोल और माचिस दी और आग लगाने के लिए उकसाया। वहीं राजकुमार पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि निरंजन और राजकुमार ने मिलकर पूरी योजना तैयार की थी और उसे अंजाम दिलाने में भूमिका निभाई थी।

कई गंभीर धाराएं बढ़ीं

पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को पकड़ लिया है। इनमें नाबालिग लड़की, सरिता, निरंजन और राजकुमार शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर में कई गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। इनमें आपराधिक साजिश, गैर इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास, आग लगाकर नुकसान पहुंचाना और रात के समय घर में घुसकर अपराध करने जैसी धाराएं शामिल हैं।

एडीसीपी ने क्या कहा?

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के एडीसीपी जसबीर सिंह ने बताया कि यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आरोपी सरिता ने एक नाबालिग लड़की को दीपक की स्कूटी में आग लगाने के लिए उकसाया था।

उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच के दौरान पुलिस को घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज मिला था। उसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

एडीसीपी के अनुसार आरोपी निरंजन का पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल होने का रिकॉर्ड रहा है। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक और सामाजिक बैकग्राउंड की भी जांच कर रही है। फिलहाल सभी आरोपियों को गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

साजिश बनी मौत की वजह

वहीं इस पूरे मामले की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि जिस आग को कथित तौर पर केवल एक स्कूटी तक सीमित रखने की योजना बनाई गई थी, उसने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।

एक निजी विवाद और बदले की भावना ने तीन लोगों की जान ले ली। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया और कई लोग आज भी उस भयावह रात की यादों से उबर नहीं पाए हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में कहीं अन्य लोग भी शामिल तो नहीं थे।

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